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Hamirpur (Himachal) News: भोटा में साझा मोर्चा के हाथ सत्ता की चाबी, मुखिया सन्नी हारे
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 18 May 2026 01:42 AM IST
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अशोक कुमार
भोटा (हमीरपुर)। नगर पंचायत भोटा में इस बार हर वार्ड में कांटे का मुकाबले देखने को मिले, लेकिन चुनाव परिणामों ने यहां पर स्थानीय समीकरण और रणनीतिक गठजोड़ की पारंपरिक राजनीति का गणित बदल दिया है।
व्यापार मंडल और कांग्रेस के साझा मोर्चे ने इस चुनाव में बड़ा असर दिखाया। हालांकि साझा मोर्चे के मुखिया और व्यापार मंडल भोटा के प्रधान सन्नी शर्मा खुद चुनाव हार गए, लेकिन उनकी पत्नी समेत मोर्चे के तीन प्रत्याशियों की जीत ने उन्हें निकाय की राजनीति में किंगमेकर के रूप में स्थापित कर दिया है।
सात वार्ड वाली नगर पंचायत भोटा में साझा मोर्चा और भाजपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस महज एक सीट पर सिमट गई है। ऐसे में नगर पंचायत में सत्ता की चाबी अब साझा मोर्चे के हाथ में आ गई है और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में उनकी भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस ने इस बार नगर पंचायत भोटा में आधिकारिक रूप से समर्थित प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया था। सात वार्ड वाले इस निकाय में कांग्रेस के सीधे तौर पर तीन वार्ड में प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि चार वार्ड में अंदरखाते व्यापार मंडल के साथ कांग्रेस की रणनीतिक समझ बनी हुई थी।
ऐसे में भाजपा को यहां सीधे तौर पर कांग्रेस और व्यापार मंडल के संयुक्त प्रभाव का मुकाबला करना पड़ा। नगर पंचायत भोटा में अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित है, जिसके चलते कई सियासी दिग्गज मैदान में उतरे थे। साझा मोर्चे के चेहरा बने सन्नी शर्मा के सामने भाजपा के पूर्व पार्षद अश्वनी सोनी चुनाव मैदान में थे, जो नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सपना सोनी के पति हैं। संवाद
भोटा (हमीरपुर)। नगर पंचायत भोटा में इस बार हर वार्ड में कांटे का मुकाबले देखने को मिले, लेकिन चुनाव परिणामों ने यहां पर स्थानीय समीकरण और रणनीतिक गठजोड़ की पारंपरिक राजनीति का गणित बदल दिया है।
व्यापार मंडल और कांग्रेस के साझा मोर्चे ने इस चुनाव में बड़ा असर दिखाया। हालांकि साझा मोर्चे के मुखिया और व्यापार मंडल भोटा के प्रधान सन्नी शर्मा खुद चुनाव हार गए, लेकिन उनकी पत्नी समेत मोर्चे के तीन प्रत्याशियों की जीत ने उन्हें निकाय की राजनीति में किंगमेकर के रूप में स्थापित कर दिया है।
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सात वार्ड वाली नगर पंचायत भोटा में साझा मोर्चा और भाजपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस महज एक सीट पर सिमट गई है। ऐसे में नगर पंचायत में सत्ता की चाबी अब साझा मोर्चे के हाथ में आ गई है और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में उनकी भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस ने इस बार नगर पंचायत भोटा में आधिकारिक रूप से समर्थित प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया था। सात वार्ड वाले इस निकाय में कांग्रेस के सीधे तौर पर तीन वार्ड में प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि चार वार्ड में अंदरखाते व्यापार मंडल के साथ कांग्रेस की रणनीतिक समझ बनी हुई थी।
ऐसे में भाजपा को यहां सीधे तौर पर कांग्रेस और व्यापार मंडल के संयुक्त प्रभाव का मुकाबला करना पड़ा। नगर पंचायत भोटा में अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित है, जिसके चलते कई सियासी दिग्गज मैदान में उतरे थे। साझा मोर्चे के चेहरा बने सन्नी शर्मा के सामने भाजपा के पूर्व पार्षद अश्वनी सोनी चुनाव मैदान में थे, जो नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सपना सोनी के पति हैं। संवाद