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Hamirpur (Himachal) News: कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जेबीटी शिक्षक रमन बाला ने जलाई शिक्षा की लौ
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:39 AM IST
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जनहैण स्कूल के विद्यार्थी गाड़ी से स्कूल जाते हुए। संवाद
- फोटो : 1
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हमीरपुर। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित जनहैण सरकारी स्कूल आज शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरा है। जहां पहुंचना कभी कठिन माना जाता था, वहां आज नौनिहाल विद्यार्थी वाहनों से पहुंच आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां तैनात जेबीटी शिक्षक रमन बाला ने शिक्षा की ऐसी लौ जलाई है, जिसने पूरे क्षेत्र की सोच बदल दी है। वर्ष 2007 में स्कूल का कार्यभार संभालते ही उन्होंने विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई, ताकि जंगल और दुर्गम रास्ते उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें।
यही नहीं, स्कूल में विद्यार्थियों को कंप्यूटर और प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक तरीके से पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी सीखने की रुचि और समझ दोनों में निरंतर वृद्धि हो रही है। स्कूल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आसपास के तीन गांवों से एक भी विद्यार्थी निजी स्कूल में पढ़ाई नहीं कर रहा।
सभी अभिभावकों का भरोसा इस सरकारी स्कूल पर कायम है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और उदाहरण है। स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक 36 विद्यार्थी दाखिल हैं। अकेले प्री-प्राइमरी में तीन से पांच वर्ष तक 16 नौनिहाल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ले रहे हैं।
गणतंत्र के प्रहरी के रूप में यह शिक्षक और यह स्कूल उस सोच का प्रतीक हैं, जहां संसाधनों की कमी के बावजूद संकल्प और समर्पण से भविष्य की नींव मजबूत की जा सकती है। जंगल की गोद में पलती यह शिक्षा की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सरकारी स्कूल भी बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से दो जेबीटी शिक्षकों को नियुक्त किया गया है।
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कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां तैनात जेबीटी शिक्षक रमन बाला ने शिक्षा की ऐसी लौ जलाई है, जिसने पूरे क्षेत्र की सोच बदल दी है। वर्ष 2007 में स्कूल का कार्यभार संभालते ही उन्होंने विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई, ताकि जंगल और दुर्गम रास्ते उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें।
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यही नहीं, स्कूल में विद्यार्थियों को कंप्यूटर और प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक तरीके से पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी सीखने की रुचि और समझ दोनों में निरंतर वृद्धि हो रही है। स्कूल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आसपास के तीन गांवों से एक भी विद्यार्थी निजी स्कूल में पढ़ाई नहीं कर रहा।
सभी अभिभावकों का भरोसा इस सरकारी स्कूल पर कायम है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि और उदाहरण है। स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक 36 विद्यार्थी दाखिल हैं। अकेले प्री-प्राइमरी में तीन से पांच वर्ष तक 16 नौनिहाल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ले रहे हैं।
गणतंत्र के प्रहरी के रूप में यह शिक्षक और यह स्कूल उस सोच का प्रतीक हैं, जहां संसाधनों की कमी के बावजूद संकल्प और समर्पण से भविष्य की नींव मजबूत की जा सकती है। जंगल की गोद में पलती यह शिक्षा की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सरकारी स्कूल भी बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से दो जेबीटी शिक्षकों को नियुक्त किया गया है।

जनहैण स्कूल के विद्यार्थी गाड़ी से स्कूल जाते हुए। संवाद- फोटो : 1

जनहैण स्कूल के विद्यार्थी गाड़ी से स्कूल जाते हुए। संवाद- फोटो : 1
