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Hamirpur (Himachal) News: सुजानपुर में नए चेहरों की ताजपोशी, आशा वर्कर और टैक्सी चालक बने शहरी सत्ता का केंद्र
Wed, 24 Jun 2026 01:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:35 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर की नई सत्ता में इस बार नए चेहरों का दबदबा देखने को मिला। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद ऐसे पार्षदों के खाते में गए, जिन्होंने पहली बार चुनाव जीतकर नगर परिषद में कदम रखा था।
खास बात यह है कि अध्यक्ष निर्वाचित नीलम आशा वर्कर हैं, जबकि उपाध्यक्ष बने विनय कुमार टैक्सी चालक हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही स्पष्ट बहुमत से दूर थीं, जबकि निर्दलीय पार्षद सत्ता की चाबी अपने हाथ में लिए बैठे थे।
9 वार्ड वाले इस निकाय में दो वार्ड में कांग्रेस समर्थित, तीन वार्ड में भाजपा समर्थित और चार वार्ड में निर्दलीय चुनाव जीतकर आए थे। इसके बावजूद अंततः न तो कोई निर्दलीय अध्यक्ष बन पाया और न ही उपाध्यक्ष पद तक पहुंच सका।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता और चुनावी प्रबंधन के चलते ऐसे समीकरण बने कि पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे विजयी चेहरे भी सत्ता के शीर्ष पदों से दूर रह गए। कांग्रेस समर्थित नीलम धीमान अध्यक्ष और विनय कुमार उपाध्यक्ष चुने गए।
नगर परिषद के इतिहास में पहली बार वार्ड नंबर सात के खाते में अध्यक्ष पद आया है। वहीं, वार्ड नंबर चार को दूसरी बार उपाध्यक्ष पद मिला है। वार्ड नंबर सात पिछली नगर परिषद के कार्यकाल में भी काफी चर्चा में रहा था।
इसी वार्ड से निर्दलीय उम्मीदवार पवन कुमार चुनाव जीतकर आए थे और भाजपा ने बहुमत के आधार पर उन्हें उपाध्यक्ष पद तक पहुंचाया था। कार्यकाल के दौरान उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव भी हुआ।
इस बार यह वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस ने नीलम धीमान को अधिकृत प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज कर सीधे अध्यक्ष पद तक का सफर तय कर लिया।
वहीं, वार्ड नंबर चार में कांग्रेस विचारधारा से दो उम्मीदवार मैदान में थे। ऐसे में पार्टी ने किसी एक चेहरे पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई थी। चुनाव जीतने के बाद विनय कुमार ने कांग्रेस का समर्थन किया और अब उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। इसी वार्ड से भाजपा समर्थित कमलेश चौधरी पूर्व में उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। संवाद
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खास बात यह है कि अध्यक्ष निर्वाचित नीलम आशा वर्कर हैं, जबकि उपाध्यक्ष बने विनय कुमार टैक्सी चालक हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही स्पष्ट बहुमत से दूर थीं, जबकि निर्दलीय पार्षद सत्ता की चाबी अपने हाथ में लिए बैठे थे।
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9 वार्ड वाले इस निकाय में दो वार्ड में कांग्रेस समर्थित, तीन वार्ड में भाजपा समर्थित और चार वार्ड में निर्दलीय चुनाव जीतकर आए थे। इसके बावजूद अंततः न तो कोई निर्दलीय अध्यक्ष बन पाया और न ही उपाध्यक्ष पद तक पहुंच सका।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता और चुनावी प्रबंधन के चलते ऐसे समीकरण बने कि पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे विजयी चेहरे भी सत्ता के शीर्ष पदों से दूर रह गए। कांग्रेस समर्थित नीलम धीमान अध्यक्ष और विनय कुमार उपाध्यक्ष चुने गए।
नगर परिषद के इतिहास में पहली बार वार्ड नंबर सात के खाते में अध्यक्ष पद आया है। वहीं, वार्ड नंबर चार को दूसरी बार उपाध्यक्ष पद मिला है। वार्ड नंबर सात पिछली नगर परिषद के कार्यकाल में भी काफी चर्चा में रहा था।
इसी वार्ड से निर्दलीय उम्मीदवार पवन कुमार चुनाव जीतकर आए थे और भाजपा ने बहुमत के आधार पर उन्हें उपाध्यक्ष पद तक पहुंचाया था। कार्यकाल के दौरान उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव भी हुआ।
इस बार यह वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस ने नीलम धीमान को अधिकृत प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज कर सीधे अध्यक्ष पद तक का सफर तय कर लिया।
वहीं, वार्ड नंबर चार में कांग्रेस विचारधारा से दो उम्मीदवार मैदान में थे। ऐसे में पार्टी ने किसी एक चेहरे पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई थी। चुनाव जीतने के बाद विनय कुमार ने कांग्रेस का समर्थन किया और अब उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। इसी वार्ड से भाजपा समर्थित कमलेश चौधरी पूर्व में उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। संवाद