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Hamirpur (Himachal) News: हमीरपुर में कोचिंग सेंटर और पीजी पर निगरानी तंत्र नहीं, पंजीकरण व्यवस्था भी कमजोर
Wed, 24 Jun 2026 01:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:16 AM IST
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नगर निगम हमीरपुर के तहत प्रताप गली जो पीजी के लिए जाती है।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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शिक्षा का हब कहे जाने वाले हमीरपुर में कोचिंग सेंटर, पेईंग गेस्ट (पीजी) और निजी पुस्तकालयों के लिए अब तक प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि प्रशासन, शिक्षा विभाग और नगर निगम के पास शहर में संचालित ऐसे संस्थानों की सही संख्या तक उपलब्ध नहीं है।
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अग्निशमन विभाग के पास भी यह जानकारी नहीं है कि कितने कोचिंग सेंटर, पीजी या निजी पुस्तकालयों में आग से सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी कोचिंग सेंटर या पीजी का नियमित निरीक्षण नहीं किया गया है।
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शहर के कई क्षेत्रों में तंग गलियों और बहुमंजिला भवनों में कोचिंग सेंटर और पीजी संचालित हो रहे हैं, जबकि पंजीकरण की स्थिति बेहद कमजोर है। नगर निगम अभी तक पीजी संचालकों के लिए उपनियम भी तय नहीं कर सका है। प्रशासन के अनुसार शहर में केवल एक ही कोचिंग सेंटर पंजीकृत है।
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हाल ही में हुए कुछ बड़े अग्निकांडों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जा रहा है। अधिकारी फिलहाल शिकायत मिलने पर ही निरीक्षण करने की बात कह रहे हैं।
शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था बहुत ही जरूरी है। हमीरपुर में अन्य जिलों व राज्यों के बच्चे भी पढ़ने के लिए आते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन को कदम उठाने चाहिएं। -सुरजीत सिंह, निवासी हमीरपुर
लखनऊ में घटित घटना से स्थानीय प्रशासन को सबक लेना चाहिए और जिले में चल रहे सभी शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करना चाहिए, ताकि हादसों की संभावनाओं को कम किया जा सके। - राकेश जम्वाल, निवासी चौकी जंबाला
अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। नियमों के अनुसार तीन मंजिला भवन ही बना सकते हैं, लेकिन यहां पर कई-कई मंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। अधिकारी सख्त होंगे, तभी नियमों का पालन होगा। -दुर्गा सिंह, निवासी वार्ड नंबर आठ, हमीरपुर
हमीरपुर में पीजी सेंटर चल रहे हैं, कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। निजी पुस्तकालय भी चलाए हुए हैं। इनकी जांच होनी जरूरी है। नियम तय होंगे तो लोगों की सुरक्षा भी होगी। बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को कदम उठाने चाहिएं। -राजीव गौतम, निवासी वार्ड नंबर दस
अधिकारियों से सवाल : एसडीएम संजीत शर्मा से सवाल
प्रश्न : प्रशासन के पास कितने कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं।
उत्तर : हमारे पास केवल एक ही कोचिंग सेंटर पंजीकृत है।
प्रश्न : आज तक कितने कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया है।
उत्तर : हमारे पास इसका आंकड़ा नहीं है कि कितने कोचिंग सेंटर शहर में चल रहे हैं। अगर कोई हमें जानकारी दे तो हम उनका निरीक्षण कर सकते हैं।
प्रश्न : अगर कोई हादसा घटित होता है तो उसका जिम्मेवार कौन होगा।
उत्तर : इस संबंध में कदम उठाए जाएंगे, ताकि कोई हादसा पेश न आए।
प्रश्न : प्रशासन के पास कितने कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं।
उत्तर : हमारे पास केवल एक ही कोचिंग सेंटर पंजीकृत है।
प्रश्न : आज तक कितने कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया है।
उत्तर : हमारे पास इसका आंकड़ा नहीं है कि कितने कोचिंग सेंटर शहर में चल रहे हैं। अगर कोई हमें जानकारी दे तो हम उनका निरीक्षण कर सकते हैं।
प्रश्न : अगर कोई हादसा घटित होता है तो उसका जिम्मेवार कौन होगा।
उत्तर : इस संबंध में कदम उठाए जाएंगे, ताकि कोई हादसा पेश न आए।
नगर निगम हमीरपुर के अतिरिक्त आयुक्त राम प्रसाद शर्मा से सवाल
प्रश्न : शहर में कुल कितने पीजी संचालित हैं।
उत्तर : नियम न होने के कारण हमारे पास एक भी पीजी पंजीकृत नहीं है।
प्रश्न : एक साल में भी नियम नहीं बन पाए हैं, क्या कारण हैं।
उत्तर : नियम बनाने के लिए हाउस होना जरूरी है, लेकिन यहां पर हाउस नहीं है।
प्रश्न : अगर कोई घटना घटित होती है, तो उसकी जवाबदेही कैसे तय करेंगे।
उत्तर : नियम तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र ही इन्हें पब्लिश कर दिया जाएगा, ताकि उत्तरदायित्व तय किया जा सके।
प्रश्न : शहर में कुल कितने पीजी संचालित हैं।
उत्तर : नियम न होने के कारण हमारे पास एक भी पीजी पंजीकृत नहीं है।
प्रश्न : एक साल में भी नियम नहीं बन पाए हैं, क्या कारण हैं।
उत्तर : नियम बनाने के लिए हाउस होना जरूरी है, लेकिन यहां पर हाउस नहीं है।
प्रश्न : अगर कोई घटना घटित होती है, तो उसकी जवाबदेही कैसे तय करेंगे।
उत्तर : नियम तैयार किए जा रहे हैं। शीघ्र ही इन्हें पब्लिश कर दिया जाएगा, ताकि उत्तरदायित्व तय किया जा सके।
अग्निशमन विभाग हमीरपुर के प्रभारी अशोक कुमार से सवाल
प्रश्न : शहर में कितने कोचिंग सेंटर या पीजी संचालकों ने एनओसी ली है।
उत्तर : हमारी ओर से एक भी पीजी को एनओसी प्रदान नहीं की गई है।
प्रश्न : इसके लिए क्या नियम हैं।
उत्तर : एनओसी लेने के लिए नियम तय किए गए हैं, जिसमें भवन में दो इन और आउट गेट होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा अग्निशामक यंत्र होना जरूरी है।
प्रश्न : क्या आपने कभी कोचिंग सेंटर या पीजी का निरीक्षण किया है।
उत्तर : हमें सरकार की ओर से ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं कि हम भवनों का निरीक्षण करें। हम केवल उन्हीं भवनों का निरीक्षण करते हैं, जिन्हें एनओसी देनी हो।
प्रश्न : तंग गलियों मे स्थित भवनों में आग लगने पर अग्निशमन विभाग के क्या प्रबंध हैं।
उत्तर : शहर में पाइपलाइन बिछाकर घटना तक पहुंचा जाता है।
प्रश्न : शहर में कुल कितने हाइड्रेंट हैं और इनमें कितने सही हैं।
उत्तर : शहर में सात हाइड्रेंट हैं। इनमें केवल एक ही काम कर रहा है। खराब हाइड्रेंट को सही करवाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
प्रश्न : शहर में कितने कोचिंग सेंटर या पीजी संचालकों ने एनओसी ली है।
उत्तर : हमारी ओर से एक भी पीजी को एनओसी प्रदान नहीं की गई है।
प्रश्न : इसके लिए क्या नियम हैं।
उत्तर : एनओसी लेने के लिए नियम तय किए गए हैं, जिसमें भवन में दो इन और आउट गेट होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा अग्निशामक यंत्र होना जरूरी है।
प्रश्न : क्या आपने कभी कोचिंग सेंटर या पीजी का निरीक्षण किया है।
उत्तर : हमें सरकार की ओर से ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं कि हम भवनों का निरीक्षण करें। हम केवल उन्हीं भवनों का निरीक्षण करते हैं, जिन्हें एनओसी देनी हो।
प्रश्न : तंग गलियों मे स्थित भवनों में आग लगने पर अग्निशमन विभाग के क्या प्रबंध हैं।
उत्तर : शहर में पाइपलाइन बिछाकर घटना तक पहुंचा जाता है।
प्रश्न : शहर में कुल कितने हाइड्रेंट हैं और इनमें कितने सही हैं।
उत्तर : शहर में सात हाइड्रेंट हैं। इनमें केवल एक ही काम कर रहा है। खराब हाइड्रेंट को सही करवाने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।