{"_id":"69f3aed7975c14a7a20d0313","slug":"one-days-rain-poses-a-threat-to-the-house-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-191977-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: एक दिन की बारिश घर के लिए बनी खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: एक दिन की बारिश घर के लिए बनी खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 01 May 2026 05:45 AM IST
विज्ञापन
मसयाणा में व्हीकल ओवरपास निर्माण को की गई खुदाई से घर को खतरा संवाद।
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट
-चीलबाहल-कोहली बाईपास का कार्य कर रही कंपनी की कोताही आई सामने
-वीओपी के लिए की खोदाई से घर के साथ सड़क के भी दरकने का खतरा
-एनएचएआई अधिकारियों के 18 फीट ऊंचा और 30 मीटर लंबा डंगा लगाने के निर्देश
-- -- -- -- -- --
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। निर्माणाधीन शिमला-मटौर फोरलेन के चीलबाहल-कोहली बाईपास का कार्य कर रही कंपनी की कोताही सामने आई है। एक दिन की बारिश में यहां पर व्हीकल ओवर पास (वीओपी) के निर्माण के लिए की गई खोदाई एक घर के लिए खतरा बन गई है। बाईपास निर्माण के लिए पिछले साल बरसात में पहाड़ी की कटाई की गई थी। अब यहां पर वीओपी के निर्माण से एक घर के साथ लोक निर्माण विभाग की मौजूदा सड़क के दरकने का खतरा पैदा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कंपनी को यहां पर बचाव के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, यहां पर लोक निर्माण विभाग की मौजूदा सड़क से सटे मकान का डंगा दरकने की कगार पर पहुंच गया है।
बीते साल भारी बरसात के बीच मसयाणा में बाईपास निर्माण के लिए पहाड़ में ब्लास्टिंग की गई थी। मलबे को कुनाह खड्ड में डंप किए जाने की कोताही भी सामने आई थी। लोगों के विरोध के बाद इस कार्य को रोका गया। वन विभाग ने एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना कंपनी पर लगाया था।एनएचएआई के अधिकारियों ने घर के सामने 18 फीट ऊंचे और 30 मीटर लंबे डंगे के निर्माण के निर्देश दिए हैं। सड़क को भूस्खलन से बचाने के लिए भी व्यापक कदम उठाने को कहा है।
उधर, लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि एनएचएआई से पहले भी पत्राचार किया गया है। अब उचित कदम उठाने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
तिरपाल के सहारे 15 मीटर गहरी खोदाई
बाईपास निर्माण में जुटी कंपनी इससे पहले भी सवालों के घेरे में रही है। तिरपाल के सहारे एक मकान के आगे 15 मीटर गहरी खोदाई की गई और 29 अप्रैल की बारिश ने भूस्खलन का खतरा और बढ़ा दिया है। प्रभावित पुष्पा पटियाल और सिद्धार्थ पटियाल का कहना है कि कंपनी के खिलाफ पहले भी एनएचएआई को शिकायत दी गई थी लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पहली बार मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सही ढंग से सुनवाई कर आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि अगर बारिश से पहले डंगा लग जाता है तो उनका आशियाना बच सकता है।
लोक निर्माण विभाग ने भी किया पत्राचार
यहां पर लोक निर्माण विभाग मंडल हमीरपुर की हमीरपुर-नाल्टी सड़क है। इस सड़क पर मसयाणा की पहाड़ी को 90 डिग्री की सीध में काटा गया है। इससे सड़क पर भी खतरा मंडरा रहा है। जंगल के सैकड़ों पेड़ इसकी जद में आ रहे हैं। बीती बरसात में सैकड़ों पेड़ इसकी चपेट में आ गए थे। अब लोक निर्माण विभाग ने एनएचएआई को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।
मामले में सुरक्षा के कदम उठाने के लिए कंपनी को कहा गया है। यहां पर 18 मीटर ऊंचा और 30 मीटर लंबा डंगा लगाया जाएगा। मौजूदा सड़क और पहाड़ी को बचाने के लिए कंपनी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
-भूपेंद्र सिंह, प्रबंधक तकनीकी, एनएचएआई हमीरपुर
Trending Videos
-चीलबाहल-कोहली बाईपास का कार्य कर रही कंपनी की कोताही आई सामने
-वीओपी के लिए की खोदाई से घर के साथ सड़क के भी दरकने का खतरा
-एनएचएआई अधिकारियों के 18 फीट ऊंचा और 30 मीटर लंबा डंगा लगाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। निर्माणाधीन शिमला-मटौर फोरलेन के चीलबाहल-कोहली बाईपास का कार्य कर रही कंपनी की कोताही सामने आई है। एक दिन की बारिश में यहां पर व्हीकल ओवर पास (वीओपी) के निर्माण के लिए की गई खोदाई एक घर के लिए खतरा बन गई है। बाईपास निर्माण के लिए पिछले साल बरसात में पहाड़ी की कटाई की गई थी। अब यहां पर वीओपी के निर्माण से एक घर के साथ लोक निर्माण विभाग की मौजूदा सड़क के दरकने का खतरा पैदा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कंपनी को यहां पर बचाव के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, यहां पर लोक निर्माण विभाग की मौजूदा सड़क से सटे मकान का डंगा दरकने की कगार पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते साल भारी बरसात के बीच मसयाणा में बाईपास निर्माण के लिए पहाड़ में ब्लास्टिंग की गई थी। मलबे को कुनाह खड्ड में डंप किए जाने की कोताही भी सामने आई थी। लोगों के विरोध के बाद इस कार्य को रोका गया। वन विभाग ने एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना कंपनी पर लगाया था।एनएचएआई के अधिकारियों ने घर के सामने 18 फीट ऊंचे और 30 मीटर लंबे डंगे के निर्माण के निर्देश दिए हैं। सड़क को भूस्खलन से बचाने के लिए भी व्यापक कदम उठाने को कहा है।
उधर, लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि एनएचएआई से पहले भी पत्राचार किया गया है। अब उचित कदम उठाने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
तिरपाल के सहारे 15 मीटर गहरी खोदाई
बाईपास निर्माण में जुटी कंपनी इससे पहले भी सवालों के घेरे में रही है। तिरपाल के सहारे एक मकान के आगे 15 मीटर गहरी खोदाई की गई और 29 अप्रैल की बारिश ने भूस्खलन का खतरा और बढ़ा दिया है। प्रभावित पुष्पा पटियाल और सिद्धार्थ पटियाल का कहना है कि कंपनी के खिलाफ पहले भी एनएचएआई को शिकायत दी गई थी लेकिन उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पहली बार मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सही ढंग से सुनवाई कर आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि अगर बारिश से पहले डंगा लग जाता है तो उनका आशियाना बच सकता है।
लोक निर्माण विभाग ने भी किया पत्राचार
यहां पर लोक निर्माण विभाग मंडल हमीरपुर की हमीरपुर-नाल्टी सड़क है। इस सड़क पर मसयाणा की पहाड़ी को 90 डिग्री की सीध में काटा गया है। इससे सड़क पर भी खतरा मंडरा रहा है। जंगल के सैकड़ों पेड़ इसकी जद में आ रहे हैं। बीती बरसात में सैकड़ों पेड़ इसकी चपेट में आ गए थे। अब लोक निर्माण विभाग ने एनएचएआई को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।
मामले में सुरक्षा के कदम उठाने के लिए कंपनी को कहा गया है। यहां पर 18 मीटर ऊंचा और 30 मीटर लंबा डंगा लगाया जाएगा। मौजूदा सड़क और पहाड़ी को बचाने के लिए कंपनी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
-भूपेंद्र सिंह, प्रबंधक तकनीकी, एनएचएआई हमीरपुर
