{"_id":"6a2efa99bc532cab440c4de5","slug":"online-booking-of-sarais-inns-at-deotsidh-leads-to-difficulties-staff-to-be-asked-for-an-explanation-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-197123-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में सरायों की ऑनलाइन बुकिंग से बढ़ी मुश्किलें, कर्मचारियों से होगा जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में सरायों की ऑनलाइन बुकिंग से बढ़ी मुश्किलें, कर्मचारियों से होगा जवाब तलब
Mon, 15 Jun 2026 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में सरायों की बुकिंग पूर्ण रूप से ऑनलाइन किए जाने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मंदिर न्यास का कहना है कि इस संबंध में कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
गौर हो कि मंदिर परिसर में पहुंचने से पहले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए सरायों की ऑनलाइन बुकिंग करवानी पड़ रही है, जिससे विशेषकर स्मार्टफोन का उपयोग न करने वाले श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।
शनिवार को दर्शन के लिए पहुंचे पंजाब के कई श्रद्धालुओं को बुकिंग न होने के कारण ठहरने में कठिनाई हुई और उन्हें सरायों के चक्कर लगाने पड़े। हालांकि, मंदिर न्यास का कहना है कि सरायों की बुकिंग व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन करने की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है, और यदि किसी स्तर पर यह व्यवस्था लागू की गई है, तो इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
वहीं, व्यापार मंडल के सचिव जोगिंदर चंदेल सहित अन्य सदस्यों ने इस व्यवस्था पर रोष जताया है। उनका कहना है कि पहले श्रद्धालु मौके पर आवेदन कर कमरा प्राप्त कर सकते थे, लेकिन अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य किए जाने से खासकर ग्रामीण और गरीब श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरायों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव की सुविधा देना है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी सुविधा बाधित हो रही है। इस मामले को लेकर उपमंडल अधिकारी एवं मंदिर न्यास अध्यक्ष के माध्यम से उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही गई है।
कोट
बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के सरायों की बुकिंग को ऑनलाइन बताने अथवा करने की शिकायत मिली है। इस बार संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। मामले की जानकारी मिलते ही प्रभावित श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कर दी गई थी। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कार्य किया जा रहा है। -सुरम सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ, दियोटसिद्ध
विज्ञापन
गौर हो कि मंदिर परिसर में पहुंचने से पहले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए सरायों की ऑनलाइन बुकिंग करवानी पड़ रही है, जिससे विशेषकर स्मार्टफोन का उपयोग न करने वाले श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
शनिवार को दर्शन के लिए पहुंचे पंजाब के कई श्रद्धालुओं को बुकिंग न होने के कारण ठहरने में कठिनाई हुई और उन्हें सरायों के चक्कर लगाने पड़े। हालांकि, मंदिर न्यास का कहना है कि सरायों की बुकिंग व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन करने की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है, और यदि किसी स्तर पर यह व्यवस्था लागू की गई है, तो इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
वहीं, व्यापार मंडल के सचिव जोगिंदर चंदेल सहित अन्य सदस्यों ने इस व्यवस्था पर रोष जताया है। उनका कहना है कि पहले श्रद्धालु मौके पर आवेदन कर कमरा प्राप्त कर सकते थे, लेकिन अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य किए जाने से खासकर ग्रामीण और गरीब श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरायों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव की सुविधा देना है, लेकिन नई व्यवस्था से उनकी सुविधा बाधित हो रही है। इस मामले को लेकर उपमंडल अधिकारी एवं मंदिर न्यास अध्यक्ष के माध्यम से उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही गई है।
कोट
बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के सरायों की बुकिंग को ऑनलाइन बताने अथवा करने की शिकायत मिली है। इस बार संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा। मामले की जानकारी मिलते ही प्रभावित श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कर दी गई थी। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कार्य किया जा रहा है। -सुरम सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ, दियोटसिद्ध