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Hamirpur (Himachal) News: सपना ने डेयरी फार्म खोलकर पूरे किए ख्वाब
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:37 AM IST
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चौकी जमवाला की सपना डेयरी फार्म में गाय को चारा डालते हुए। संवाद
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हमीरपुर। सपना ने अपनी मेहनत के बल पर डेयरी फार्म खोलकर जीवन के ख्वाबों को साकार कर दिखाया है। कभी सीमित संसाधनों के बीच घरेलू जिम्मेदारियों तक सिमटी रही सपना ने स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
आज वह डेयरी व्यवसाय के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। सपना ने डेयरी फार्मिंग को रोजगार का साधन बनाकर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि गांव की महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की एक नई राह दिखाई है।
दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री से वह हर माह 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। कुछ वर्ष पहले तक सपना एक सामान्य गृहिणी की तरह घरेलू कार्यों तक सीमित थीं। परिवार की सीमित आय के कारण घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था।
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ऐसे में उन्होंने स्वरोजगार के रूप में डेयरी फार्मिंग शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआत उन्होंने एक गाय से की और सीमित संसाधनों के बावजूद पशुओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था और दुग्ध उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। धीरे-धीरे दूध की गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति के कारण उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी और उन्होंने अपने काम का विस्तार किया।
वर्तमान में सपना घर पर ही दूध के साथ-साथ दही, घी, पनीर, मक्खन जैसे दुग्ध उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजार में बेच रही हैं। इस आय से वह परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य घरेलू खर्चों में भी सहयोग कर रही हैं।
आज वह डेयरी व्यवसाय के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। सपना ने डेयरी फार्मिंग को रोजगार का साधन बनाकर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि गांव की महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की एक नई राह दिखाई है।
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दूध और उससे बने उत्पादों की बिक्री से वह हर माह 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। कुछ वर्ष पहले तक सपना एक सामान्य गृहिणी की तरह घरेलू कार्यों तक सीमित थीं। परिवार की सीमित आय के कारण घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था।
ऐसे में उन्होंने स्वरोजगार के रूप में डेयरी फार्मिंग शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआत उन्होंने एक गाय से की और सीमित संसाधनों के बावजूद पशुओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था और दुग्ध उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। धीरे-धीरे दूध की गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति के कारण उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी और उन्होंने अपने काम का विस्तार किया।
वर्तमान में सपना घर पर ही दूध के साथ-साथ दही, घी, पनीर, मक्खन जैसे दुग्ध उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजार में बेच रही हैं। इस आय से वह परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य घरेलू खर्चों में भी सहयोग कर रही हैं।