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Hamirpur (Himachal) News: हुनर बना सहारा, स्कूल बैग बनाकर आत्मनिर्भर बनीं प्रवेश कुमारी
Wed, 24 Jun 2026 01:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:36 AM IST
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ग्राम पंचायत भैल के गांव भैल की प्रवेश कुमारी बैग बनाते हुए। स्रोत जागरूक पाठक
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हमीरपुर। ग्राम पंचायत भैल के गांव भैलू की प्रवेश कुमारी ने स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। करीब एक वर्ष पहले छोटे स्तर पर स्कूल बैग तैयार करने का कार्य शुरू करने वाली प्रवेश कुमारी आज हर माह आठ से दस हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
प्रवेश कुमारी ने बताया कि आत्मनिर्भर बनने की इच्छा से उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ स्कूल बैग सिलने का कार्य शुरू किया था। धीरे-धीरे उनके बैग की गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन की मांग बढ़ने लगी, जिससे स्थानीय बाजार के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे।
उन्होंने बताया कि स्कूल खुलने के सीजन में बैग की मांग बढ़ने से आय में भी वृद्धि होती है। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर वह इस कार्य को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।
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प्रवेश कुमारी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को यदि उचित प्रशिक्षण और विपणन की सुविधा मिले तो वे भी स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
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प्रवेश कुमारी ने बताया कि आत्मनिर्भर बनने की इच्छा से उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ स्कूल बैग सिलने का कार्य शुरू किया था। धीरे-धीरे उनके बैग की गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन की मांग बढ़ने लगी, जिससे स्थानीय बाजार के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे।
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उन्होंने बताया कि स्कूल खुलने के सीजन में बैग की मांग बढ़ने से आय में भी वृद्धि होती है। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर वह इस कार्य को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।
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प्रवेश कुमारी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को यदि उचित प्रशिक्षण और विपणन की सुविधा मिले तो वे भी स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।