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Hamirpur (Himachal) News: जीएमसी हमीरपुर में बोन और सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर सफल ऑपरेशन, बड़े शहरों की दौड़ खत्म

Thu, 16 Jul 2026 01:22 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 16 Jul 2026 01:22 AM IST
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Successful operation for bone and soft tissue tumors at GMC Hamirpur, ending the race to big cities
डॉ. रवि कांत ठाकुर, ट्यूमर सर्जन, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर।
हमीरपुर। हड्डियों और मांसपेशियों में ट्यूमर से जूझ रहे मरीजों के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) हमीरपुर बड़ी राहत बनकर उभरा है। अब ऐसे मरीजों को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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मेडिकल कॉलेज में बोन और सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर की जांच से लेकर विशेषज्ञ सर्जरी तक की सुविधा शुरू हो गई है। प्रदेश में यह सुविधा फिलहाल केवल तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है। हमीरपुर में अब तक सात जटिल ट्यूमर मामलों का सफल उपचार किया जा चुका है।
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बोन और सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर की पहचान और सर्जरी के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त ऑर्थोपेडिक ऑन्को सर्जन की आवश्यकता होती है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ट्यूमर सर्जन डॉ. रविकांत ठाकुर की तैनाती के बाद यह सुविधा जिला सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी मिल रही है।
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डॉ. ठाकुर बाजू, टांगों और रीढ़ की हड्डी से जुड़े कई जटिल मामलों का सफल ऑपरेशन कर चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार समय पर ट्यूमर की पहचान होने से मरीज का अंग बचाने और बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। अब जांच, बायोप्सी, उपचार और सर्जरी की पूरी प्रक्रिया मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ही उपलब्ध हो रही है।

कमरा संख्या 112 में उपलब्ध हैं डाॅक्टर रविकांत
प्रदेश में वर्तमान समय में केवल मेडिकल कॉलेज टांडा, आईजीएमसी शिमला और मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ही ट्यूमर सर्जन सेवाएं दे रहे हैं। हमीरपुर में डॉ. रविकांत ठाकुर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को ओपीडी नंबर-112 में मरीजों की जांच कर परामर्श दे रहे हैं।


इन जटिल मामलों का हुआ सफल उपचार
अब तक जिन मामलों का सफल निदान और उपचार किया गया है, उनमें जाॅइंट सेल ट्यूमर के दो, ट्यूबरकुलस बोन लीजन (टीबी से संबंधित हड्डी के घाव) के दो, मेटास्टैटिक/न्यूरोएंडोक्राइन कार्सिनोमा का एक, ज़ैंथोग्रैनुलोमेटस ऑस्टियोमायलाइटिस का एक और एटिपिकल लाइपोमा का एक मामला शामिल है।


कोट
हड्डियों या मांसपेशियों में लगातार दर्द, सूजन या बिना कारण गांठ महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और विशेषज्ञ से परामर्श लेने से ट्यूमर का सफल इलाज संभव है। -डॉ. रविकांत ठाकुर, ट्यूमर सर्जन, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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