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Hamirpur (Himachal) News: सीवरेज नेटवर्क से जुड़ेगा औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल
Sun, 12 Jul 2026 05:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 12 Jul 2026 05:42 PM IST
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विकास की बात:
24.10 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत टाहलीवाल में बनेगा आधुनिक सीवरेज नेटवर्क
प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी स्वीकृति के लिए हमीरपुर जोन के मुख्यालय भेजी फाइल
स्वां नदी के पास टाहलीवाल की सीमा पर बनेगा एक एमएसडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। टाहलीवाल औद्योगिक नगरी में लंबे समय से पेश आ रही सीवरेज की समस्या से लोगों को जल्द ही निजात मिलेगी। औद्योगिक नगरी टाहलीवाल में स्थित घरों को आधुनिक सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की कवायाद तेज हो गई है। जल शक्ति विभाग ऊना ने इसे लेकर 24.10 करोड़ रुपये की आधुनिक सीवरेज परियोजना तैयार की है।
वर्तमान में इस परियोजना को सरकार से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना को क्रियान्वयन के लिए एक करोड़ रुपये की प्रारंभिक व्यय स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इसके बाद जल शक्ति विभाग ऊना ने तकनीकी मंजूरी के लिए हमीरपुर जोन मुख्यालय भेज दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी मंजूरी मिलने के दस दिनों के भीतर इस परियोजना के लिए टेंडर आवंटित कर दिया जाएगा।
इस परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल को आधुनिक सीवरेज नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें शहरी क्षेत्र में स्थित घरों के सीवरेज को पाइप नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसके पूरा होने पर औद्योगिक नगर टाहलीवाल में गंदे पानी के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
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स्वां के किनारे बनेगा एसटीपी
इस परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल की सीमा पर स्वां नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए भूमि का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एक एमएलडी की क्षमता का होगा। जिसे शहर की सीवरेज पाइप नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें प्लांट में सीवरेज की गंदगी की ट्रीट करने के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से छोड़े जाने वाले पानी की बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी ) 10 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए मानकों को पूरा करने के बाद टाहलीवाल में बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी छोड़ा जाएगा।
कोट:
टाहलीवाल की सीवरेज परियोजना की तकनीकी मंजूरी लेने के लिए उसे हमीरपुर जोन मुख्यालय को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। -नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग,ऊना
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24.10 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत टाहलीवाल में बनेगा आधुनिक सीवरेज नेटवर्क
प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी स्वीकृति के लिए हमीरपुर जोन के मुख्यालय भेजी फाइल
स्वां नदी के पास टाहलीवाल की सीमा पर बनेगा एक एमएसडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। टाहलीवाल औद्योगिक नगरी में लंबे समय से पेश आ रही सीवरेज की समस्या से लोगों को जल्द ही निजात मिलेगी। औद्योगिक नगरी टाहलीवाल में स्थित घरों को आधुनिक सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की कवायाद तेज हो गई है। जल शक्ति विभाग ऊना ने इसे लेकर 24.10 करोड़ रुपये की आधुनिक सीवरेज परियोजना तैयार की है।
वर्तमान में इस परियोजना को सरकार से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना को क्रियान्वयन के लिए एक करोड़ रुपये की प्रारंभिक व्यय स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इसके बाद जल शक्ति विभाग ऊना ने तकनीकी मंजूरी के लिए हमीरपुर जोन मुख्यालय भेज दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी मंजूरी मिलने के दस दिनों के भीतर इस परियोजना के लिए टेंडर आवंटित कर दिया जाएगा।
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इस परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल को आधुनिक सीवरेज नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें शहरी क्षेत्र में स्थित घरों के सीवरेज को पाइप नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसके पूरा होने पर औद्योगिक नगर टाहलीवाल में गंदे पानी के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
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स्वां के किनारे बनेगा एसटीपी
इस परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल की सीमा पर स्वां नदी के किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए भूमि का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एक एमएलडी की क्षमता का होगा। जिसे शहर की सीवरेज पाइप नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें प्लांट में सीवरेज की गंदगी की ट्रीट करने के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से छोड़े जाने वाले पानी की बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी ) 10 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए मानकों को पूरा करने के बाद टाहलीवाल में बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी छोड़ा जाएगा।
कोट:
टाहलीवाल की सीवरेज परियोजना की तकनीकी मंजूरी लेने के लिए उसे हमीरपुर जोन मुख्यालय को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। -नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग,ऊना