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Hamirpur (Himachal) News: टीजीटी शिक्षकों को एक वर्ष बाद भी पदोन्नत पद के वेतन का इंतजार
Wed, 29 Jul 2026 01:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:05 AM IST
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बिझड़ी (हमीरपुर)। प्रदेश में टीजीटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नत हुए सैकड़ों शिक्षक करीब एक वर्ष बाद भी नए पद का वेतनमान और वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वरिष्ठता विवाद के चलते अगस्त 2025 में पदोन्नत हुए 642 शिक्षकों का वेतन निर्धारण अब तक लंबित है।
इससे उन्हें प्रवक्ता पद के अनुरूप आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। राजकीय टीजीटी कला संघ के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को शिक्षकों को प्रवक्ता पद पर पदोन्नति दी गई थी।
अधिकांश शिक्षकों ने अक्टूबर 2025 तक वेतन निर्धारण के लिए आवश्यक विकल्प और दस्तावेज विभाग को नियमानुसार भेज दिए थे, लेकिन करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें टीजीटी पद का ही वेतन मिल रहा है।
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संघ का कहना है कि कई शिक्षकों को पिछले वर्ष की वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं मिली है, जबकि इस वर्ष की इंक्रीमेंट भी प्रभावित होने की आशंका है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि जिन शिक्षकों को विभाग की ओर से डिमोशन के कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, उनके मामलों में न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद वेतन निर्धारण नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन निर्धारण पर किसी प्रकार की न्यायिक रोक नहीं है, फिर भी विभाग अंतिम न्यायिक निर्णय का हवाला देकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठता विवाद से जुड़े विभिन्न मामलों में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से स्थगन आदेश जारी हैं। हाल ही में 23 जुलाई को प्रदेश उच्च न्यायालय ने वरिष्ठता विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में अंतरिम राहत भी प्रदान की है।
संघ ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा निदेशक से मांग की है कि सभी पदोन्नत प्रवक्ताओं का वेतन तत्काल नए पद के अनुरूप निर्धारित किया जाए और लंबित वित्तीय लाभ जारी किए जाएं।
साथ ही रिक्त पदों पर शीघ्र 749 टीजीटी शिक्षकों को प्रवक्ता पद पर पदोन्नति देने की मांग भी उठाई गई है, ताकि वरिष्ठता विवाद और पदोन्नति से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
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इससे उन्हें प्रवक्ता पद के अनुरूप आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। राजकीय टीजीटी कला संघ के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को शिक्षकों को प्रवक्ता पद पर पदोन्नति दी गई थी।
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अधिकांश शिक्षकों ने अक्टूबर 2025 तक वेतन निर्धारण के लिए आवश्यक विकल्प और दस्तावेज विभाग को नियमानुसार भेज दिए थे, लेकिन करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें टीजीटी पद का ही वेतन मिल रहा है।
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संघ का कहना है कि कई शिक्षकों को पिछले वर्ष की वार्षिक वेतनवृद्धि नहीं मिली है, जबकि इस वर्ष की इंक्रीमेंट भी प्रभावित होने की आशंका है। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि जिन शिक्षकों को विभाग की ओर से डिमोशन के कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, उनके मामलों में न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद वेतन निर्धारण नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन निर्धारण पर किसी प्रकार की न्यायिक रोक नहीं है, फिर भी विभाग अंतिम न्यायिक निर्णय का हवाला देकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठता विवाद से जुड़े विभिन्न मामलों में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से स्थगन आदेश जारी हैं। हाल ही में 23 जुलाई को प्रदेश उच्च न्यायालय ने वरिष्ठता विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में अंतरिम राहत भी प्रदान की है।
संघ ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा निदेशक से मांग की है कि सभी पदोन्नत प्रवक्ताओं का वेतन तत्काल नए पद के अनुरूप निर्धारित किया जाए और लंबित वित्तीय लाभ जारी किए जाएं।
साथ ही रिक्त पदों पर शीघ्र 749 टीजीटी शिक्षकों को प्रवक्ता पद पर पदोन्नति देने की मांग भी उठाई गई है, ताकि वरिष्ठता विवाद और पदोन्नति से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।