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Hamirpur (Himachal) News: टौणी देवी-ऊहल सड़क की हालत खस्ता, झोखर में डंगा न बनने से बढ़ा हादसों का डर
Mon, 13 Jul 2026 01:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 13 Jul 2026 01:43 AM IST
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चमेल सिंह, निवासी झोखर
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टौणी देवी (हमीरपुर)। मानसून शुरू होते ही टौणी देवी-ऊहल सड़क पर सफर करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। झोखर के पास करीब पांच-छह माह पहले हुए भूस्खलन के बाद प्रस्तावित तीन रिटेनिंग वॉल (डंगे) आज तक नहीं बन पाए हैं। इससे बरसात के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ गई है और हादसों की आशंका बनी हुई है।
शिव मंदिर झोखर से विश्वकर्मा मंदिर झोखर तक करीब आधा किलोमीटर सड़क सबसे अधिक प्रभावित है। सड़क की हालत खस्ताहाल है और कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं। कुछ समय पहले सड़क का विस्तारीकरण किया गया था, लेकिन सुरक्षा कार्य अधूरा रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान कच्चे हिस्से में कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई चालक फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। भूस्खलन के बाद विश्वकर्मा मंदिर के समीप तीन रिटेनिंग वॉल बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन अब तक इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।
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विभाग बजट मिलने का इंतजार कर रहा है, जबकि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए तीनों रिटेनिंग वॉल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर जल्द करवाया जाए।
सड़क के कई हिस्सों में नहीं बनी नालियां
सड़क के कई हिस्सों में नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश का पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे कच्चा हिस्सा दलदल में बदल जाता है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है और फिसलन लगातार बढ़ रही है। विश्वकर्मा मंदिर के पास बनी तीखी चढ़ाई वाहन चालकों के लिए एक और बड़ी चुनौती है। यहां वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। इस चढ़ाई को तकनीकी रूप से कम किया जाना आवश्यक है। इससे वाहन सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे।
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यह सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। कीचड़ से युक्त सड़क पर सफर जोखिम से कम नहीं है। उम्मीद थी कि बरसात से पहले झोखर के समीप डंगे लगेंगे। -चमेल सिंह, निवासी झोखर
बरसात में तो सड़क की हालत और खराब हो जाती है। नाली भी नहीं बनी हैं। पूरा पानी सड़क पर ही बहता है, जिस कारण हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। -सहदेव, निवासी झोखर
लोक निर्माण विभाग से कई बार सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई है। विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। -अनुज, निवासी ठाणा
सड़क की समय-समय पर मरम्मत आवश्यक होती है। यदि मरम्मत नहीं होगी तो सड़कों की स्थिति कैसे ठीक रहेगी। विभाग जल्द सड़क की मरम्मत करवाए। -राजेश कुमार, निवासी साहनी
कोट
डंगे के निर्माण के लिए बजट स्वीकृति की फाइल उच्च अधिकारियों के पास भेजी है। जैसे ही बजट आएगा, यहां पर डंगे लगा दिए जाएंगे। -नितीश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग टौणी देवी
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शिव मंदिर झोखर से विश्वकर्मा मंदिर झोखर तक करीब आधा किलोमीटर सड़क सबसे अधिक प्रभावित है। सड़क की हालत खस्ताहाल है और कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं। कुछ समय पहले सड़क का विस्तारीकरण किया गया था, लेकिन सुरक्षा कार्य अधूरा रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बारिश के दौरान कच्चे हिस्से में कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई चालक फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। भूस्खलन के बाद विश्वकर्मा मंदिर के समीप तीन रिटेनिंग वॉल बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन अब तक इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।
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विभाग बजट मिलने का इंतजार कर रहा है, जबकि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए तीनों रिटेनिंग वॉल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर जल्द करवाया जाए।
सड़क के कई हिस्सों में नहीं बनी नालियां
सड़क के कई हिस्सों में नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश का पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे कच्चा हिस्सा दलदल में बदल जाता है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है और फिसलन लगातार बढ़ रही है। विश्वकर्मा मंदिर के पास बनी तीखी चढ़ाई वाहन चालकों के लिए एक और बड़ी चुनौती है। यहां वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। इस चढ़ाई को तकनीकी रूप से कम किया जाना आवश्यक है। इससे वाहन सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे।
यह सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। कीचड़ से युक्त सड़क पर सफर जोखिम से कम नहीं है। उम्मीद थी कि बरसात से पहले झोखर के समीप डंगे लगेंगे। -चमेल सिंह, निवासी झोखर
बरसात में तो सड़क की हालत और खराब हो जाती है। नाली भी नहीं बनी हैं। पूरा पानी सड़क पर ही बहता है, जिस कारण हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। -सहदेव, निवासी झोखर
लोक निर्माण विभाग से कई बार सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई है। विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। -अनुज, निवासी ठाणा
सड़क की समय-समय पर मरम्मत आवश्यक होती है। यदि मरम्मत नहीं होगी तो सड़कों की स्थिति कैसे ठीक रहेगी। विभाग जल्द सड़क की मरम्मत करवाए। -राजेश कुमार, निवासी साहनी
कोट
डंगे के निर्माण के लिए बजट स्वीकृति की फाइल उच्च अधिकारियों के पास भेजी है। जैसे ही बजट आएगा, यहां पर डंगे लगा दिए जाएंगे। -नितीश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग टौणी देवी

चमेल सिंह, निवासी झोखर

चमेल सिंह, निवासी झोखर

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चमेल सिंह, निवासी झोखर

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