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Hamirpur (Himachal) News: खारल में जल्द बनेगा जिले का दूसरा गो अभ्यारण्य
Thu, 06 Aug 2026 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 06 Aug 2026 12:55 AM IST
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हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र बड़सर के खारल गांव में जिले का दूसरा गो अभ्यारण्य (काउ सेंचुरी) बनने जा रहा है। इसके लिए करीब 62 कनाल भूमि पशुपालन विभाग के नाम स्थानांतरित कर दी गई है।
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभाग जल्द ही भूमि की डिमार्केशन, स्थल निरीक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करेगा। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गो अभ्यारण्य बनने से लावारिस गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा। साथ ही किसानों को फसलों के नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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गोशालाओं में 2300 गोवंश को आश्रय
वर्तमान में जिले में 27 गोशालाएं और एक गो अभ्यारण्य संचालित हैं, जिनमें लगभग 2300 गोवंश का संरक्षण और पालन-पोषण किया जा रहा है। एक गो अभ्यारण्य सुजानपुर के खैरी में है। इनके संचालन और गोवंश के रखरखाव के लिए प्रदेश सरकार प्रति पशु प्रतिमाह 1200 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। इसके बावजूद जिले में अभी भी करीब 1200 लावारिस गोवंश खुले में घूम रहे हैं। ये पशु अकसर खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं।
कोट
खारल गांव में दूसरा गो अभ्यारण्य प्रस्तावित है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। -डॉ. सुजय शर्मा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर
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भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभाग जल्द ही भूमि की डिमार्केशन, स्थल निरीक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करेगा। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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गो अभ्यारण्य बनने से लावारिस गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा। साथ ही किसानों को फसलों के नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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गोशालाओं में 2300 गोवंश को आश्रय
वर्तमान में जिले में 27 गोशालाएं और एक गो अभ्यारण्य संचालित हैं, जिनमें लगभग 2300 गोवंश का संरक्षण और पालन-पोषण किया जा रहा है। एक गो अभ्यारण्य सुजानपुर के खैरी में है। इनके संचालन और गोवंश के रखरखाव के लिए प्रदेश सरकार प्रति पशु प्रतिमाह 1200 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। इसके बावजूद जिले में अभी भी करीब 1200 लावारिस गोवंश खुले में घूम रहे हैं। ये पशु अकसर खेतों में घुसकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं।
कोट
खारल गांव में दूसरा गो अभ्यारण्य प्रस्तावित है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। -डॉ. सुजय शर्मा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर