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Hamirpur (Himachal) News: श्रीमद्भागवत कथा में समुद्र मंथन का वृत्तांत सुनाया
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:40 AM IST
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ग्राम पंचायत डिडवीं टिक्क्रर के गांव टिक्कर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु क
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डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत डिडवीं टिक्कर के गांव टिक्कर मलुआं में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक डॉ. पुरुषोत्तम शरण ने समुद्र मंथन का वृत्तांत सुनाया।
उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान विष और अमृत सहित विभिन्न रत्नों की उत्पत्ति हुई।भगवान शिव ने विष का पान कर उसे अपने कंठ में धारण किया, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। इसके बाद अमृत के वितरण के दौरान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत और राक्षसों को अन्य वस्तु दी।
कथावाचक ने कहा कि राहु-केतु की कथा इसी प्रसंग से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भी अपने भीतर का मंथन करना चाहिए, क्योंकि शरीर में देवत्व और राक्षसी दोनों गुण विद्यमान हैं। व्यक्ति अपने कर्मों से अपने चरित्र का निर्माण करता है। संवाद
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कथावाचक ने कहा कि राहु-केतु की कथा इसी प्रसंग से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भी अपने भीतर का मंथन करना चाहिए, क्योंकि शरीर में देवत्व और राक्षसी दोनों गुण विद्यमान हैं। व्यक्ति अपने कर्मों से अपने चरित्र का निर्माण करता है। संवाद
