Himachal: चेस्टर हिल मामले में वित्तीय धांधलियों पर हाईकोर्ट से सरकार, पूर्व सीएस संजय गुप्ता को नोटिस
प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने याचिका में दिए तथ्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक जवाब दायर करने के आदेश दिए।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित सोलन में चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट में बेनामी संपतियों और धारा-118 के उल्लंघन की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका में राज्य सरकार समेत पूर्व मुख्य सचिव संजय को नोटिस जारी किया है। प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने याचिका में दिए तथ्यों और दस्तावेजों के अवलोकन के पश्चात प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक जवाब दायर करने के आदेश दिए। शिमला के पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र सिंह पंवर की ओर से हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिका में मांग की गई है कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की देखरेख में की जाए। याचिका ने पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत को बताया गया कि राजस्व सचिव रहते उन्होंने प्रोजेक्ट निर्माताओं के पक्ष में गैरकानूनी निर्णय लिए जिसकी एवज में उन्होंने प्रोजेक्ट निर्माताओं से करोड़ों की भूमि नाममात्र दाम चुका कर खरीदी। जनहित याचिका में हिमाचल प्रदेश सरकार में सचिव (गृह) राजस्व सचिव, उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला, नगर आयुक्त, सोलन, नगर निगम सोलन, उप मंडल अधिकारी सोलन और मैसर्ज एन जी एस्टेट चेस्टर हिल को प्रतिवादी बनाया है।