बजट घोषणाओं का सच: कांगड़ा में गोल्फ कोर्स, कन्वेंशन सेंटर और टूरिस्ट विलेज का पता पूछ रहे पर्यटक
कांगड़ा के लिए पिछले बजटों में की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। कुछ योजनाओं का निर्माण एडीबी के तहत किए जाने की बात कही गई, कुछ के लिए सरकार ने अपने स्तर पर बजट का प्रावधान करने की बात कही।
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देश और विदेश से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घूमने आने वाले पर्यटक लोगों से गोल्फ कोर्स, कन्वेंशन सेंटर और टूरिस्ट विलेज का पता पूछ रहे हैं। कांगड़ा के लिए पिछले बजटों में की गई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। कुछ योजनाओं का निर्माण एडीबी के तहत किए जाने की बात कही गई, कुछ के लिए सरकार ने अपने स्तर पर बजट का प्रावधान करने की बात कही। वर्ष 2023-24 बजट में सरकार ने परागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फ कोर्ट के निर्माण और धर्मशाला के समीपवर्ती गांव नरघोटा में टूरिस्ट विलेज (पर्यटक गांव) निर्माण की घोषणा की। वर्ष 2025-26 में तपोवन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर, चाय के बागानों को सिक्किम, असम और पश्चिम बंगाल की तर्ज पर चाय बागानों को टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करने की घोषणा की।
बजट में घोषणा के बाद भी यह योजनाएं दस्तावेजों के बावजूद धरातल पर नहीं उतरी हैं। गोल्फ कोर्स के लिए विभाग को पर्याप्त जमीन ही उपलब्ध नहीं हो पाई है। नरघोटा में टूरिस्ट विलेज बनाने की घोषणा के बाद अभी तक परियोजना का प्रारूप तैयार नहीं हो पाया। नरघोटा में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाली इस परियोजना की डीपीआर पंजीकृत तकनीकी सलाहकार (कंसलटेंट) कंपनी से रिपोर्ट मिलने के बाद ही तैयार हो पाएगी। नरघोटा में यह जमीन पहले हिमुडा कॉलोनी बसाने क लिए चयनित थी। ऐसे में न पर्यटक गांव बना और न ही हिमुडा की कॉलोनी बन पाई। तपोवन में बनने वाले कन्वेंशन सेंटर की अभी तक ड्राइंग ही तैयार की जा रही है। ढगवार गांव में यूनिटी मॉल के लिए चयनित जमीन पर अभी तक एक ईंट नहीं लगी।
पालमपुर में टी-टूरिज्म को बढ़ावा मिलना चाहिए। निजी स्तर पर कई लोगों ने कांगड़ा टी के स्टाॅल खोले हैं, इसे प्रमोट करने के लिए बड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। इससे ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।- विनय शर्मा, अध्यक्ष होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन पालमपुर।
कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। कन्वेंशन सेंटर की ड्राइंग की प्रक्रिया चली है, जबकि टूरिस्ट विलेज निर्माण को लेकर भी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। यह परियोजनाएं जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी।- देवेंद्र जग्गी, कांग्रेस नेता।
सरकार अपने मित्रों की ओर ध्यान दे रही है। युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। गोल्फ मैदान, कन्वेंशन सेंटर, टूरिस्ट विलेज सहित कुछ अन्य परियोजनाओं की घोषणा तो कर दी है, लेकिन धरातल पर अभी तक यह दिख नहीं रही हैं। -विपिन सिंह परमार, विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
टूरिस्ट विलेज के लिए कंसल्टेंट कंपनी की ओर से स्टडी चल रही है। अभी एक प्रपोजल मिला है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है। गोल्फ कोर्स के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिली है। चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं को शुरू किया है, जिनमें कई योजनाएं अंतिम चरण में भी पहुंची हैं। - विनय धीमान, जिला पर्यटन अधिकारी कांगड़ा।
इन योजनाओं पर चल रहा काम
टांडा मेडिकल कॉलेज में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू है। बनखंडी में 300 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गेश अरण्य प्राणी उद्यान का निर्माण, सकोह में आइस स्केटिंग और रोलर स्केटिंग रिंक का निर्माण, पौंग डैम में वाटर स्पोर्ट्स, शिकारा, क्रूज की व्यवस्था, कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया, धर्मशाला और पालमपुर में हेलीपोर्ट का निर्माण, मुख्यमंत्री सुख-आश्रय का ज्वालामुखी के लुथान में निर्माण, ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का स्तरोन्नयन हो रहा है।
2023-24 की लंबित घोषणाएं
परागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स का निर्माण, स्थानीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटक ग्राम की स्थापना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड ऐज होम, कांगड़ा हेरिटेज साइट्स का सौंदर्यीकरण, इको टूरिज्म और पर्यटन सुविधाओं के लिए कार्य योजना, मेडिकल कॉलेज में कैजुअल्टी विभाग को अपग्रेड करके इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट की स्थापना, टांडा मेडिकल कॉलेज में पेट स्कैन की सुविधा, शाहपुर और पालमपुर में ड्रोन तकनीक और ईवी मेकेनिक ट्रेड की सुविधाएं।
2024-25 की लंबित घोषणाएं
धर्मशाला के पासू में सब्जी मंडी का संचालन, 2024 में कांगड़ा जिले में भट्टू फार्म का उन्नयन, कांगड़ा में 501 मेगावाट क्षमता वाला सौर पार्क और 212 मेगावाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना, रैहन और देहरा में स्विमिंग पूल सुविधा के साथ इंडोर स्टेडियम का निर्माण।
2025-26 की घोषणाएं
मां ज्वालाजी मंदिर और माता श्री ब्रजेश्वरी मंदिर कांगड़ा का सौंदर्यीकरण, धर्मशाला के तपोवन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर, चाय के बागानों को सिक्किम, असम और पश्चिमी बंगाल की तर्ज पर इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना, 132 करोड़ रुपये की लागत से पालमपुर, लुथान, नगरोटा बगवां, चनौर इंडस्ट्रियल एरिया में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण, कांगड़ा जिले में 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण, पपरोला के आयुष अस्पतालों में पर्यटकों और आम जनता के लिए वैलनेस पंचकर्मा, हिमुडा के माध्यम से बिंद्रावन (पालमपुर) में आवासीय कॉलोनियां, टांडा मेडिकल कॉलेज में नशा निवारण एवं पुनर्वास नोडल केंद्र।