हिमाचल: मर्ज और भवनविहीन स्कूलों का आकलन करेगा शिक्षा विभाग, उपनिदेशकों से मांगा ब्योरा
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामला विधानसभा आश्वासन समिति के समक्ष लंबित होने के कारण विभाग ने इसे प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश में मर्ज किए गए स्कूलों की परिसंपत्तियों तथा भवनविहीन स्कूलों की वास्तविक स्थिति का व्यापक आकलन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामला विधानसभा आश्वासन समिति के समक्ष लंबित होने के कारण विभाग ने इसे प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में मर्ज अथवा बंद किए गए 716 स्कूल भवनों की वर्तमान स्थिति को लेकर विभाग ने रिपोर्ट तलब की है। जिला अधिकारियों से पूछा गया है कि इन भवनों का वर्तमान में किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है। यदि भवन खाली पड़े हैं तो उसकी जानकारी दी जाए और यदि किसी अन्य सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक गतिविधि अथवा सार्वजनिक उपयोग में लाए जा रहे हैं तो उसका पूरा विवरण उपलब्ध करवाया जाए।
शिक्षा निदेशालय ने विशेष रूप से उन भवनों पर भी फोकस किया है जो स्कूलों के मर्ज होने के बाद अनुपयोगी पड़े हैं। मर्ज स्कूलों के साथ-साथ प्रदेश के 64 ऐसे स्कूलों की जानकारी भी मांगी है, जिनके पास अपना भवन उपलब्ध नहीं है। इन स्कूलों का संचालन वर्तमान में किन भवनों या वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है, इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन स्कूलों के लिए स्थायी भवन निर्माण, भूमि उपलब्धता या भवन आवंटन संबंधी कोई प्रस्ताव विचाराधीन है या नहीं। इसकी जानकारी भी देने को कहा गया है। यह पूरी कवायद विधानसभा आश्वासन समिति के समक्ष दिए गए आश्वासन के अनुपालन में की जा रही है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को रिकॉर्ड आधारित और तथ्यात्मक जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि समिति को विस्तृत एवं प्रमाणिक रिपोर्ट भेजी जा सके।
नूरपुर के दोनों मर्ज स्कूल फिर होंगे अलग
प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के नूरपुर स्थित दो मर्ज किए गए स्कूलों को दोबारा अलग करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार बक्शी टेक चंद पीएम श्री राजकीय मॉडल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बॉयज) नूरपुर का डी-मर्जर कर उन्हें स्वतंत्र संस्थानों के रूप में संचालित किया जाएगा। सरकार ने 23 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि दोनों विद्यालय अब अलग-अलग वरिष्ठ माध्यमिक सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) विद्यालयों के रूप में कार्य करेंगे। अधिसूचना के अनुसार बक्शी टेक चंद पीएम श्री राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूरपुर को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूरपुर को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रखा जाएगा।