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हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: आउटसोर्स नीति में चुने टिंबर वॉचर्स को तुरंत काम में शामिल करने के निर्देश

Tue, 30 Jun 2026 05:10 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 30 Jun 2026 05:10 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार और वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि रेजिन/टिंबर वॉचर के पदों के लिए चयनित याचिकाकर्ताओं को तुरंत कार्यभार ग्रहण कराया जाए।

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Himachal High Court delivers significant verdict; directs immediate engagement of Timber Watchers selected und
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार और वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि रेजिन/टिंबर वॉचर के पदों के लिए चयनित याचिकाकर्ताओं को तुरंत कार्यभार ग्रहण कराया जाए। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने आदेश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं की ज्वाइनिंग 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। मामला वर्ष 2022 का है, जब वन विभाग ने टिंबर वॉचर के 166 पद आउटसोर्स नीति के तहत भरने का निर्णय लिया था। इसके लिए विभाग ने एक निजी एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया सौंपी। एजेंसी ने इंटरव्यू और दस्तावेजों की जांच के बाद उम्मीदवारों का चयन कर उन्हें सितंबर 2022 में कुल्लू डिवीजन में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। उम्मीदवार समय पर उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर उनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई। इसके बाद भी जब उन्हें काम पर नहीं रखा गया तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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विभाग की दलील, समय पर जमा नहीं कराए दस्तावेज

वन विभाग ने अदालत में दलील कि उम्मीदवारों ने तय समय के भीतर अपने शैक्षणिक और मेडिकल दस्तावेज जमा नहीं कराए थे। हालांकि, कोर्ट ने विभाग की इन दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पूरी हो चुकी थी और चयन एजेंसी ने किया था, तब विभाग बाद में उनकी पात्रता पर सवाल उठाकर ज्वाइनिंग से इन्कार नहीं कर सकता। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत चुने गए कई अन्य उम्मीदवारों को विभाग ने ज्वाइनिंग दे दी थी। अदालत ने इसे भेदभावपूर्ण और कानून के विपरीत करार दिया।

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