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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय समेत तीन बड़े नाम एसआईटी के रडार पर, केस में किसी को भी क्लीनचिट नहीं

Tue, 30 Jun 2026 08:26 AM IST
Bhupendra Singh सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 30 Jun 2026 08:26 AM IST
सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच में चंपत राय और अनिल मिश्रा को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है। ये लोग लापरवाही, मंदिर प्रबंधन और निगरानी में फेल होने के आधार पर आरोपी मिले हैं। चोरी में संलिप्तता, कमीशन व जमीन खरीद-फरोख्त के लगे आरोपों की छानबीन जारी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Ram Mandir offering theft Champat Rai Anil and Gopal Rao also found guilty
राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम मंदिर प्रकरण में एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है। लापरवाही, मंदिर प्रबंधन और निगरानी तंत्र फेल होने के सुबूतों के आधार पर कई पदाधिकारियों को दोषी पाया है। इसमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम भी शामिल है। वहीं लगे कमीशन और जमीन की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी के आरोपों की जांच फिलहाल जारी है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद सभी की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। उसी तरह की कार्रवाई होगी।
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एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 23 जून को शासन को सौंपी थी, जिसमें कई सिफारिशें की गई थीं। इनमें एफआईआर की सिफारिश भी शामिल थी, जिसका संज्ञान लेकर केस दर्ज कराया गया था। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा के अलावा निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका के बारे में भी तथ्य दिए हैं। 
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पदाधिकारियों को दोषी पाया गया

इसमें स्पष्ट किया गया है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े किसी भी पदाधिकारी, कर्मचारी आदि को क्लीनचिट नहीं दी गई है। वहीं जिस तरह से गणना के दौरान करोड़ों का चढ़ावा चोरी हुआ, वह प्रबंधन की नाकामी है। इसलिए इसके जिम्मेदार इन पदाधिकारियों को दोषी पाया गया है। हालांकि एसआईटी रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है, इसलिए विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

चढ़ावा चोरी में किसकी संलिप्तता... इसकी जांच जारी

चढ़ावा चोरी केस की विवेचना सीओ अयोध्या कर रहे हैं। उनके साथ पूरी टीम लगाई गई है। आरोपियों के बैंक खाते खंगालने से लेकर गणना में लगे एक-एक कर्मी की भूमिका की जांच की जा रही है। इसमें पदाधिकारियों की भी भूमिका जांची जा रही है। जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उस पर कार्रवाई तय है।

कमीशन को लेकर मिल रहे सुबूत...

मामले में सीधे तौर पर अनिल मिश्रा पर चालीस फीसदी कमीशन के आरोप लगे थे। वहीं जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर चंपत राय पर आरोप हैं। इन आरोपों की जांच एसआईटी तेजी से कर रही है। कई गवाहों के बयान भी हो चुके हैं। गोपाल राव पर भी कई आरोप हैं, इसलिए वह भी जांच के दायरे में हैं।
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