हिमाचल: निजी स्कूलों में वर्दी-टाई और जूतों की बिक्री हुई तो रद्द होगी मान्यता, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए
निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर निजी स्कूलों में वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज और जूतों जैसी वस्तुओं की बिक्री पर तत्काल रोक सुनिश्चित करने को कहा है। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता या अनुमति भी रद्द की जा सकती है।
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हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को साफ संदेश दिया है कि पढ़ाई करें, कारोबार नहीं। निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर निजी स्कूलों में वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज और जूतों जैसी वस्तुओं की बिक्री पर तत्काल रोक सुनिश्चित करने को कहा है। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता या अनुमति भी रद्द की जा सकती है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के संबद्धता नियम 16.3.12 (ए) के तहत बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों और प्रायोगिक पुस्तकों की बिक्री को व्यावसायिक गतिविधि की श्रेणी में नहीं रखा गया है, लेकिन वर्दी और अन्य स्कूल सामग्री की बिक्री पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधि मानी जाएगी।
प्रदेश में लंबे समय से निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही वर्दी और अन्य सामग्री खरीदने के दबाव को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में अभिभावकों को बाजार दरों से अधिक कीमत पर सामान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता था। शिक्षा निदेशालय का मानना है कि इस व्यवस्था से अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी स्कूल के परिसर में वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य व्यावसायिक वस्तुओं की बिक्री किए जाने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
निदेशालय ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि इस संबंध में कोई शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित स्कूल का अनुमति प्रमाण पत्र भी रद्द किया जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। निदेशालय ने बताया कि इस संबंध में 27 जनवरी और 27 फरवरी 2026 को भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के सचिव द्वारा 10 फरवरी 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर भी स्कूलों को नियमों की जानकारी दी गई थी।
जिला उपनिदेशकों को निगरानी के निर्देश
इसके बावजूद कुछ स्थानों से शिकायतें मिलने के बाद अब विभाग ने दोबारा सख्त निर्देश जारी कर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के निजी स्कूलों को आदेशों से अवगत करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि स्कूल परिसर में किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित न हो। विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।