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हिमाचल: सचिवालय कर्मचारी संघ में घमासान, अध्यक्ष ने सीएम सुक्खू से लगाई न्याय की गुहार

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 30 Apr 2026 07:05 PM IST
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सार

संघ के निर्वाचित अध्यक्ष संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर महासचिव, प्रेस सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Himachal: Turmoil in Secretariat Employees' Association; President Appeals to CM Sukhu for Justice
हिमाचल प्रदेश सचिवालय। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश सचिवालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ में आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ गया है। संघ के निर्वाचित अध्यक्ष संदीप सिंह ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर महासचिव, प्रेस सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संघ में अनुशासनहीनता, पद की अवहेलना और भ्रामक गतिविधियों का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रार्थना पत्र में संदीप सिंह ने कहा कि उन्हें करीब 300 कर्मचारियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अध्यक्ष चुना है, लेकिन इसके बावजूद संघ के कुछ पदाधिकारी उनके अधिकारों को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

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बिना जानकारी और सहमति के निर्णय लिए जा रहे हैं और महत्वपूर्ण मामलों में उनसे कोई परामर्श नहीं किया जाता। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक संघ का आधिकारिक लेटरहेड तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके विपरीत कुछ पदाधिकारियों ने कथित तौर पर फर्जी लेटरहेड छपवाकर उन पर ही आरोप मढ़ दिए, जिससे उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रेस सचिव विशाल ठाकुर द्वारा उन्हें अनुचित रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसकी जानकारी मीडिया में भी सार्वजनिक कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

 

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संदीप सिंह ने 29 अप्रैल 2026 को आयोजित एक सेवानिवृत्ति समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी के बावजूद उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। अध्यक्ष पद पर होते हुए भी उन्हें कोई भूमिका नहीं दी गई, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष को प्राथमिकता दी गई। अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनके हस्ताक्षर के बिना संघ द्वारा जारी किसी भी पत्र को अमान्य घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि संघ में क्षेत्रवाद, गुटबाजी और अनुशासनहीनता बढ़ रही है, जिससे संगठन की एकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि संघ में पारदर्शिता और पदों की गरिमा बहाल हो सके।

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