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हिमाचल: किन्नौर की पहली निर्विरोध पंचायत बनी शिगारचा, चंद्रकला को प्रधान और संजीव को सौंपी उप प्रधान की कमान
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 04 May 2026 02:59 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में ग्राम पंचायत शिगारचा के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर पंचायत के जनप्रतिनिधियों का निर्विरोध चयन किया है। पढ़ें पूरी खबर...
ग्राम पंचायत शिगारचा की नवनिर्वाचित प्रधान
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम क्षेत्र की ग्राम पंचायत शिगारचा के ग्रामीणों ने एकजुटता और सशक्त लोकतंत्र की मिसाल पेश की है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर पंचायत के जनप्रतिनिधियों का निर्विरोध चयन किया है। ग्रामीणों ने बैठक कर एकमत होकर चंद्रकला को प्रधान और संजीव को उप प्रधान की कमान सौंपी है। हाल ही में रूपी पंचायत से अलग कर नई पंचायत शिगारचा का गठन किया गया है। ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे और एकता बनाए रखने को लेकर पंचायत के सभी प्रतिनिधियों का चयन किया है।
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किन्नौर जिला अपनी अनूठी संस्कृति और एकता के लिए जाना जाता है। अब जिले के दुर्गम क्षेत्र शिगारचा के ग्रामीणों ने निर्विरोध अपने जन प्रतिनिधी चुने हैं, जो जिले में चर्चा का केंद्र बना गया है। शिगारचा ग्राम पंचायत में रविवार को ग्रामीणों ने एक विशेष बैठक की। इस बैठक में पंचायत को निर्विरोध चुनने पर व्यापक चर्चा हुई। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर अपने-अपने मत रखे। काफी चर्चा के बाद ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नई बनी इस पंचायत के जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया। किन्नौर जिले में निर्विरोध चुने जाने वाली यह पहल पंचायत है।
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ग्रामीणों ने बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए चंद्र कला को प्रधान पद के लिए चुना है। वहीं उप-प्रधान की बागडोर संजीव को सौंपी गई। वहीं पंचायत के कुल 5 वार्डों में से वार्ड नंबर-1 से मंगला देवी, वार्ड- 2 से वरुण, वार्ड- 3 से अजय कुमार, वार्ड- 4 से सीमा देवी और वार्ड नंबर-5 से राज कुमारी को वार्ड सदस्य के रूप में चुना गया है। ग्रामीणों की ओर से चयनित सभी प्रतिनिधियों को बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अपना समर्थन दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य के पंचायत चुनाव भी इसी प्रकार आपसी सहमति से जन प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
ग्रामीणों के इस निर्णय का उद्देश्य गांव में आपसी भाईचारा और एकता बनाए रखना है। वहीं ग्रामीणों ने पांच वर्ष बाद प्रधान पद कांग्रेस समर्थित और उप प्रधान पद भाजपा समर्थित उम्मीदवार को सौंपने पर सहमति जताई। ग्रामीणों के इस निर्णय की जिले के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी सराहना हो रही है। ग्रामीणों के इस आपसी निर्णय से जहां चुनाव आयोग का चुनाव संबंधी खर्च बचेगा, वहीं ग्रामीणों की आपसी सहमति से पंचायत के विकास को गति मिलेगी। ग्रामीणों की यह पहल सशक्त लोकतंत्र के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
ग्रामीणों के इस निर्णय का उद्देश्य गांव में आपसी भाईचारा और एकता बनाए रखना है। वहीं ग्रामीणों ने पांच वर्ष बाद प्रधान पद कांग्रेस समर्थित और उप प्रधान पद भाजपा समर्थित उम्मीदवार को सौंपने पर सहमति जताई। ग्रामीणों के इस निर्णय की जिले के साथ साथ अन्य क्षेत्रों में भी सराहना हो रही है। ग्रामीणों के इस आपसी निर्णय से जहां चुनाव आयोग का चुनाव संबंधी खर्च बचेगा, वहीं ग्रामीणों की आपसी सहमति से पंचायत के विकास को गति मिलेगी। ग्रामीणों की यह पहल सशक्त लोकतंत्र के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
