Himachal Rain: शिमला सहित सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य में 106 सड़कें ठप, इतने दिन बरसेंगे बादल
कई इलाकों में भूस्खलन से सड़कों, बिजली व पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ा है। राज्य में सोमवार शाम 6:00 बजे तक 106 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 66 बिजली ट्रांसफार्मर व 19 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित है।
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हिमाचल प्रदेश के कई भागों में झमाझम बारिश का दाैर जारी है। इससे कई इलाकों में भूस्खलन से सड़कों, बिजली व पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ा है। राज्य में सोमवार शाम 6:00 बजे तक 106 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 66 बिजली ट्रांसफार्मर व 19 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित है। राज्य में माैजूदा मानसून सीजन में 30 जून से 9 अगस्त तक 157 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 257 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 89 की सड़क हादसों में माैत हुई। वहीं 22 पक्के व 22 कच्चे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 255 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची। 217 गोशालाएं, 13 दुकानें भी तबाह हो गईं। इस अवधि के दाैरान 201 पालतु पशुओं की माैत हो गई। नुकसान का आंकड़ा 88,637.55 लाख रुपये पहुंच गया है।
ब्यास किनारे खतरे में रहने वालों को अब सीधे मिलेगा अलर्ट
ब्यास नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित प्रभावित लोगों को अब सीधे अलर्ट करने की व्यवस्था की जाएगी। बीबीएमबी प्रबंधन आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर की मदद से पंडोह डैम से देहरा तक 135 किलोमीटर क्षेत्र के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार कर रहा है। इसमें नदी किनारे रहने वाले लोगों और उनकी संपत्तियों को खतरे के स्तर के आधार पर चिह्नित किया जाएगा। योजना में पूरे क्षेत्र को तीन जोन में बांटा जाएगा। ग्रीन जोन में सामान्य जलप्रवाह की सीमा तक आने वाले क्षेत्र होंगे। ब्लू जोन में अधिक पानी छोड़े जाने पर खतरा पैदा होने वाले इलाके शामिल होंगे। वहीं, रेड जोन में फ्लैश फ्लड, बादल फटने या पंडोह डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रभावित होने वाले क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे। प्रभावितों की पहचान पहले से होने पर आपात स्थिति में उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। लोगों के घरों के अलावा उन अन्य संपत्तियों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो पानी की जद में आ सकती हैं। बीबीएमबी की ओर से पंडोह डैम से पानी छोड़ने से पहले मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिला प्रशासन को सूचना दी जाती है। नए प्लान में संभावित प्रभावित लोगों के मोबाइल नंबरों का डाटा भी तैयार किया जाएगा। इससे जरूरत पड़ने पर प्रशासन को सूचना देने के साथ संबंधित लोगों को व्यक्तिगत तौर पर संदेश भेजकर भी अलर्ट किया जा सकेगा। बीबीएमबी पंडोह अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता चंद्रमणी शर्मा ने कहा कि इमरजेंसी एक्शन प्लान का प्रस्ताव तीन हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। इसका पहला भाग पूरा हो चुका है और उसी के आधार पर दूसरे भाग पर काम चल रहा है। अगले छह माह में इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।
इन जिलों के लिए अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 11 अगस्त को 1:00 बजे से 9:00 बजे के बीच बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना जिलों में एक दो जगहों पर भारी से लेकर बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। विभाग की ओर से इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 10, 11, 14, 15 और 16 अगस्त को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 10 और 11 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि 14, 15 और 16 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। 12 और 13 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मंगलवार को कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
कहां कितनी बारिश
धर्मशाला में 61.1, अर्की 55.0, पांवटा साहिब 43.8, शिमला 40.8, जोगिंद्रनगर 37.0, जुब्बड़हट्टी 35.2, घाघस 33.0, सराहन 29.5, कटौला 25.4, स्लापड़ 24.1, बिलासपुर 19.2, कुफरी 19.2 व पालमपुर में 16.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।