Himachal: विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ दियोटसिद्ध में अब बिना जेब वाले कपड़े पहन कर्मचारी करेंगे चढ़ावे की गणना
हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में भी चढ़ावा गणना से लेकर भेंट, राशन और बकरा नीलामी तक की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में भी चढ़ावा गणना से लेकर भेंट, राशन और बकरा नीलामी तक की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अब चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारी बिना जेब वाले कपड़े पहनेंगे। सीसीटीवी फुटेज अब 15 दिन के बजाय 45 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। मंदिर परिसर की लाइव निगरानी डीसी हमीरपुर कार्यालय से होगी।
मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना और उसके प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। मंदिर में पिछले वर्ष चढ़ावा गणना में सामने आई गड़बड़ी और हाल में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने निगरानी तंत्र को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और उन्हें अत्याधुनिक बनाया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट कमिश्नर एवं डीसी हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ अपने कार्यालय से पूरे निगरानी तंत्र पर नजर रख सकेंगी। ट्रस्ट केवल नकद चढ़ावे तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाबा को चढ़ाए जाने वाले सोना-चांदी, राशन और अन्य भेंट सामग्री का भी डिजिटल इन्वेंटरी सिस्टम तैयार किया जाएगा।
दान पेटी से बैंक तक बदली प्रक्रिया
मंदिर में दान पेटियां मंदिर अधिकारी की निगरानी में ट्रस्ट चेयरमैन की ओर से गठित समिति की मौजूदगी में प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को खोली जाती हैं। समिति सीसीटीवी निगरानी में नकदी को गणना कक्ष तक पहुंचाती है, जहां नोटों के बंडल तैयार किए जाते हैं। अब सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि गणना पूरी होते ही बैंक के कर्मचारी उसी समय नकदी लेकर बैंक ले जाएंगे। पहले यह प्रक्रिया अगले दिन होती थी।
यह है बदलाव की वजह
29 सितंबर 2025 को हुई चढ़ावा गणना के दौरान 500 रुपये के नोटों के एक बंडल में 100 की जगह 140 नोट मिलने से गड़बड़ी का मामला सामने आया था। सीसीटीवी जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद गणना लिपिक केशव और लेखाकार गुरुचैन सिंह को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया था। 10 अक्तूबर 2025 से गणना प्रक्रिया में कई सुधार लागू किए गए और अब उन्हें और व्यापक बनाया जा रहा है।
सालाना आय 30 से 35 करोड़ रुपये
मंदिर ट्रस्ट हर वर्ष अपना बजट सार्वजनिक करता है। ट्रस्ट की वार्षिक आय चढ़ावे और अन्य स्रोतों से करीब 30 से 35 करोड़ रुपये रहती है। वर्ष 2024 में ट्रस्ट को 35.05 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 27.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2025 के लिए 37.05 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया था। ट्रस्ट कॉलेज और स्कूलों का संचालन भी करता है। प्रत्येक वर्ष खातों का ऑडिट कराया जाता है। ऑडिट में आपत्तियां आने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों से रिकवरी भी की जाती है।
एसओपी के तहत होती है गणना
चढ़ावे की गणना मंदिर अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करती है। यदि व्यवस्था में कोई बदलाव करना हो या मंदिर अधिकारी अवकाश पर हों तो ट्रस्ट चेयरमैन एवं एसडीएम बड़सर की अनुमति अनिवार्य होती है।
चढ़ावा गणना, राशन बिक्री और अन्य व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। डीसी हमीरपुर के निर्देशों पर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। - स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर एवं चेयरमैन, बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट, दियोटसिद्ध