Himachal: जयराम बोले- नशीले पदार्थों का पता लगाने के बजाय विपक्षी नेताओं को सर्विलांस पर रखा जा रहा
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों के स्रोतों, आपूर्ति मार्गों और मुख्य संचालकों की पहचान करने के बजाय, संसाधनों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को सर्विलांस पर रखा जा रहा है।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नशीले पदार्थों का पता लगाने के बजाय राजनीतिक निगरानी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों के स्रोतों, आपूर्ति मार्गों और मुख्य संचालकों की पहचान करने के बजाय, संसाधनों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को सर्विलांस पर रखा जा रहा है। यहां तो यह चला है कि नेता लोग कहां जा रहे हैं, उनकी लोकेशन लो, उनके फोन टैप करो। सदन में जयराम ठाकुर ने यह बात शून्यकाल के दौरान कही। जयराम ठाकुर ने कहा कि एसटीएफ के कौन लोग थे। बताया जाता है कि किसी सरकार के प्रतिनिधि की ओर से आग्रह किया गया कि इनको रखें और जो इस धंधे में लगे हैं। जो लोग एसटीएफ में लगे हैं, वे इस धंधे में लगे हैं।
किस अधिकारी ने नियुक्त किए या किसी नेता ने किए, उसकी भी जवाबदेही होनी चाहिए। खाना-पीणा नंद लेणी गंभरिये से नहीं चलेगा। मेरा पुलिस के लिए सम्मान हैं। बहुत से अधिकारी निष्ठा वाले हैं। उन्हें काम दें। विपक्ष को अछूत न समझें। इस अभियान को विपक्ष की राय से ताकत मिलेगी। आखिरकार क्या कर रहे हैं। पुलिस विभाग का उपयोग करें, दुरुपयोग न करें। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के इस बयान पर पलटवार करते हुए सीएम सुक्खू ने सदन में कहा कि किसी विधायक, मंत्री या नेता की नहीं, चिट्टा तस्करों का सर्विलांस हो रहा है। किसका सर्विलांस करना है। इसका फैसला डीजीपी लेते हैं। पांच गुटों में बंटे भाजपा नेता, विधानसभा में प्रवेश करने से पहले लड़कर आते हैं। यहां से भाजपा में गए खिलाड़ी भाजपा में अच्छा खेल खेल रहे हैं। उन्हें मालूम है कि किसे गोल करना है और किसे आउट करना है।
खिलाड़ियों की अनदेखी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने जताया एतराज
विधानसभा सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सदन में हिमाचल प्रदेश में खिलाड़ियों की अनदेखी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने कड़ा एतराज जताया। बड़सर से विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले कितने खिलाड़ियों को सरकार ने प्रोत्साहन स्वरूप रोजगार दिया। प्रदेश की बेटियां खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वालों को भी प्रदेश में 3 फीसदी कोटे का प्रावधान होने के बावजूद नौकरी नहीं दी गई। गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने कहा कि एक समय में हिमाचल के शिमला और मंडी जिला के वॉलीबॉल खिलाड़ियों की पूरे देश में धमक होती थी। हिमाचल की वॉलीबॉल टीम राष्ट्रीय स्तर पर जीत दर्ज करती थी, वॉलीबॉल की खोई गरिमा को लौटाने के लिए गंभीर प्रयास करने की जरूरत है।