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Kangra News: देहार में बाल विवाह के विरुद्ध 100 दिवसीय विशेष अभियान का आगाज
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 01 Feb 2026 08:45 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। उपमंडल में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) देहरा की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के तहत क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायतों और विकास अधिकारियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में देशभर में संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत देहरा और परागपुर क्षेत्र में भी 100 दिनों का विशेष जागरूकता एवं निगरानी अभियान शुरू किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समाज में बाल विवाह के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।विभाग ने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए लड़कों की आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। बाल विवाह करना, उसमें सहयोग देना या इसे प्रोत्साहित करना गंभीर दंडनीय अपराध है। बाल विवाह न केवल बच्चों की शिक्षा छीनता है, बल्कि बालिकाओं को कुपोषण और समयपूर्व मातृत्व जैसे खतरों में धकेलता है।
पंचायत सचिवों को निगरानी के निर्देश
सीडीपीओ परागपुर बलजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर पंचायत सचिवों को कड़ी सामाजिक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं, महिला मंडलों और स्कूलों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत विभाग के संज्ञान में लाना अनिवार्य होगा। इस विशेष अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों का विस्तृत विवरण भी तैयार किया जाएगा, ताकि अभियान की सफलता का सटीक आकलन हो सके।
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वर्तमान में देशभर में संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत देहरा और परागपुर क्षेत्र में भी 100 दिनों का विशेष जागरूकता एवं निगरानी अभियान शुरू किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समाज में बाल विवाह के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।विभाग ने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए लड़कों की आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। बाल विवाह करना, उसमें सहयोग देना या इसे प्रोत्साहित करना गंभीर दंडनीय अपराध है। बाल विवाह न केवल बच्चों की शिक्षा छीनता है, बल्कि बालिकाओं को कुपोषण और समयपूर्व मातृत्व जैसे खतरों में धकेलता है।
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पंचायत सचिवों को निगरानी के निर्देश
सीडीपीओ परागपुर बलजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर पंचायत सचिवों को कड़ी सामाजिक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभाओं, महिला मंडलों और स्कूलों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत विभाग के संज्ञान में लाना अनिवार्य होगा। इस विशेष अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों का विस्तृत विवरण भी तैयार किया जाएगा, ताकि अभियान की सफलता का सटीक आकलन हो सके।
