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Kangra News: बीते साल 34 खाद्य सैंपल फेल, 3.99 लाख रुपये जुर्माना वसूला
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धर्मशाला। कांगड़ा जिले में लोगों की थाली तक सुरक्षित भोजन पहुंचाने की चुनौती बरकरार है। खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता में कमी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में बीते वित्त वर्ष के दौरान कुल 844 खाद्य सेंपल लिए गए थे, जिनमें से 34 सैंपल फेल पाए गए हैं। निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने वाले इन मामलों में दोषी कारोबारियों पर अब तक 3.99 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि 22 हजार रुपये के जुर्माने से जुड़े अन्य मामलों का निस्तारण होना अभी बाकी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले भर के ढाबों, होटलों, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों से ये नमूने एकत्र किए गए थे। जांच में सब-स्टैंडर्ड पाए गए मामलों में से 14 पर विशेष अदालत और 17 मामलों में एडिशनल सीजेएम कोर्ट में कार्रवाई अमल में लाई गई है। विभाग का यह अभियान चालू वित्त वर्ष में भी लगातार जारी है और अब तक करीब 150 नए खाद्य सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे जा चुके हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग कांगड़ा की सहायक आयुक्त, डॉ. सविता ठाकुर ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और सेंपलिंग के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस व नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यदि आम जनता को भी कहीं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले भर के ढाबों, होटलों, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों से ये नमूने एकत्र किए गए थे। जांच में सब-स्टैंडर्ड पाए गए मामलों में से 14 पर विशेष अदालत और 17 मामलों में एडिशनल सीजेएम कोर्ट में कार्रवाई अमल में लाई गई है। विभाग का यह अभियान चालू वित्त वर्ष में भी लगातार जारी है और अब तक करीब 150 नए खाद्य सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे जा चुके हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग कांगड़ा की सहायक आयुक्त, डॉ. सविता ठाकुर ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित निरीक्षण और सेंपलिंग के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस व नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यदि आम जनता को भी कहीं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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