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एयरपोर्ट विस्तार : पेट्रोल पंप और होटल के कर्मचारियों ने उठाई पुनर्वास की मांग
Thu, 30 Jul 2026 09:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 30 Jul 2026 09:07 AM IST
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गगल (कांगड़ा)। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया के बीच अब स्थानीय पेट्रोल पंपों और होटलों में कार्यरत कर्मचारियों की चिंता भी खुलकर सामने आने लगी है। एयरपोर्ट विस्तार की जद में आने वाले प्रतिष्ठानों में वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने सरकार से पुनर्वास, वैकल्पिक रोजगार और आर्थिक सहायता के लिए विशेष नीति बनाने की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि भूमि मालिकों और कारोबारियों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन नौकरी खोने वाले कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अब तक कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई है। गगल स्थित पेट्रोल पंपों के कर्मचारियों गुरदेव सिंह, राकेश कुमार, सुभाष, कमल, विजय, अश्वनी कुमार, विनोद और सन्नी सहित अन्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार के बाद रोजगार छिनने से उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
उधर, अग्रवाल फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक विशंभर शर्मा ने बताया कि वे पिछले करीब 35 वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने कोरोना महामारी से लेकर कड़ाके की सर्दी और भीषण गर्मी तक हर परिस्थिति में 24 घंटे लोगों को सेवाएं दी हैं। अब एयरपोर्ट विस्तार के कारण उनके रोजगार पर संकट मंडरा रहा है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित कर्मचारियों के पुनर्वास, वैकल्पिक रोजगार या उचित आर्थिक सहायता के लिए विशेष नीति बनाई जाए, ताकि उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
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उनका कहना है कि भूमि मालिकों और कारोबारियों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन नौकरी खोने वाले कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अब तक कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई है। गगल स्थित पेट्रोल पंपों के कर्मचारियों गुरदेव सिंह, राकेश कुमार, सुभाष, कमल, विजय, अश्वनी कुमार, विनोद और सन्नी सहित अन्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार के बाद रोजगार छिनने से उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
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उधर, अग्रवाल फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक विशंभर शर्मा ने बताया कि वे पिछले करीब 35 वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने कोरोना महामारी से लेकर कड़ाके की सर्दी और भीषण गर्मी तक हर परिस्थिति में 24 घंटे लोगों को सेवाएं दी हैं। अब एयरपोर्ट विस्तार के कारण उनके रोजगार पर संकट मंडरा रहा है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित कर्मचारियों के पुनर्वास, वैकल्पिक रोजगार या उचित आर्थिक सहायता के लिए विशेष नीति बनाई जाए, ताकि उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
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