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Kangra News: बदलेगी आंगनबाड़ी की सूरत, 15 अप्रैल से स्कूलों की तर्ज पर लगेंगी नियमित कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 31 Mar 2026 08:59 AM IST
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब केवल राशन ही नहीं बल्कि नौनिहालों को भविष्य के लिए तैयार करने वाली विधिवत शिक्षा भी मिलेगी। नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रदेशभर के केंद्रों में 15 अप्रैल से स्कूलों की तर्ज पर निर्धारित समयसारिणी के अनुसार कक्षाएं शुरू की जा रही हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों के अनुसार नए सत्र से केंद्रों में केवल खेल-कूद ही नहीं, बल्कि तय टाइम-टेबल के तहत शैक्षणिक गतिविधियां, मानसिक विकास के कार्यक्रम और पोषण संबंधी जानकारी दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत पोषण भी, पढ़ाई भी अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे बच्चों को रोचक और गतिविधि आधारित शिक्षा दे सकें। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का समय 15 अप्रैल से सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान दो प्रमुख कंपोनेंट्स पर काम होगा।
नवचेतना मॉड्यूल के तहत 3 साल तक के बच्चों के विकास के विभिन्न आयामों पर ध्यान केंद्रित करेगा। वहीं, आधारशिला कंपोनेंट 3 से 6 साल के बच्चों के लिए खेल, कविता और पेंटिंग के जरिए प्री-लर्निंग (प्रारंभिक शिक्षा) सुनिश्चित करेगा।
इस बार आंगनबाड़ी केंद्रों में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब समयसारिणी के अनुसार कक्षाएं ली जाएंगी, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा। हमारा लक्ष्य बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही बेहतर शिक्षा और पोषण उपलब्ध कराना है। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, कांगड़ा
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इसका मुख्य उद्देश्य 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों के अनुसार नए सत्र से केंद्रों में केवल खेल-कूद ही नहीं, बल्कि तय टाइम-टेबल के तहत शैक्षणिक गतिविधियां, मानसिक विकास के कार्यक्रम और पोषण संबंधी जानकारी दी जाएगी।
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नई शिक्षा नीति के तहत पोषण भी, पढ़ाई भी अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे बच्चों को रोचक और गतिविधि आधारित शिक्षा दे सकें। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का समय 15 अप्रैल से सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान दो प्रमुख कंपोनेंट्स पर काम होगा।
नवचेतना मॉड्यूल के तहत 3 साल तक के बच्चों के विकास के विभिन्न आयामों पर ध्यान केंद्रित करेगा। वहीं, आधारशिला कंपोनेंट 3 से 6 साल के बच्चों के लिए खेल, कविता और पेंटिंग के जरिए प्री-लर्निंग (प्रारंभिक शिक्षा) सुनिश्चित करेगा।
इस बार आंगनबाड़ी केंद्रों में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब समयसारिणी के अनुसार कक्षाएं ली जाएंगी, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा। हमारा लक्ष्य बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही बेहतर शिक्षा और पोषण उपलब्ध कराना है। -अशोक कुमार शर्मा, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, कांगड़ा