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बिना वार्ड सभाओं के ही पेश किया वार्षिक बजट : कैप्टन पठानिया
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के वार्षिक बजट पर पूर्व आयुक्त कैप्टन जेएम पठानिया ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिना किसी प्लानिंग और तैयारी के बजट को पेश किया गया। बजट से पहले सभी वार्डों की सभाएं होती हैं और पहले वार्डों का बजट तैयार किया जाता है। यहां बिना चर्चा के लिए बजट पारित कर दिया गया।
बजट को व्यावसायिक रूप से खोखला बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान बजटीय प्रक्रिया पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के उन संस्थागत आधारों की अनदेखी कर रही है, जिन्हें निगम की स्थापना के समय स्थापित किया गया था।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के 30 अगस्त 2024 को स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के तहत अनिवार्य सर्वेक्षण और पुनर्वास प्रोटोकॉल को लागू करने की बात कही थी। मगर यहां बिना किसी सर्वे के ही स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए बजट का प्रावधान किया गया, जो न्यायिक निर्देशों की अवहेलना के समान है।
नगर निगम का बजट एक वैधानिक वित्तीय योजना है, न कि केवल वादों की एक सूची। उन्होंने वर्तमान प्रशासन से बजट को हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम के अनुरूप संशोधित करने और सार्वजनिक धन का जवाबदेही के साथ उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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बजट को व्यावसायिक रूप से खोखला बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान बजटीय प्रक्रिया पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के उन संस्थागत आधारों की अनदेखी कर रही है, जिन्हें निगम की स्थापना के समय स्थापित किया गया था।
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उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के 30 अगस्त 2024 को स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के तहत अनिवार्य सर्वेक्षण और पुनर्वास प्रोटोकॉल को लागू करने की बात कही थी। मगर यहां बिना किसी सर्वे के ही स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए बजट का प्रावधान किया गया, जो न्यायिक निर्देशों की अवहेलना के समान है।
नगर निगम का बजट एक वैधानिक वित्तीय योजना है, न कि केवल वादों की एक सूची। उन्होंने वर्तमान प्रशासन से बजट को हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम के अनुरूप संशोधित करने और सार्वजनिक धन का जवाबदेही के साथ उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।