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Kangra News: पालमपुर से चंबा जा रही बस धर्मशाला में बीच सड़क हांफी
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धर्मशाला में एचआरटीसी वर्कशाप में खड़ी की खटारा बसें। अमर उजाला
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धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सुरक्षित सफर के दावों की पोल एक बार फिर बीच सड़क पर खुल गई। वीरवार को पालमपुर डिपो से चंबा जा रही बस धर्मशाला में अग्निशमन विभाग के कार्यालय के सामने अचानक खराब हो गई। चलती बस के स्टेयरिंग में तकनीकी खराबी आने के कारण चालक को बस बीच रास्ते में ही खड़ी करनी पड़ी। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद जब अमर उजाला की टीम ने धर्मशाला वर्कशॉप का जायजा लिया, तो स्थिति भयावह नजर आई। पूरी वर्कशॉप खराब बसों से अटी पड़ी है। यहां तक कि जिन पिट्स पर बसों की मरम्मत होनी चाहिए, वहां भी कबाड़ हो चुकी बसें खड़ी हैं। वर्कशॉप कर्मचारियों ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि धर्मशाला सहित अन्य डिपो में मैकेनिकों की भारी कमी है।
स्टाफ कम होने के कारण रोजाना सैकड़ों बसों की गहन जांच करना मुमकिन नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं और उन्हें जुगाड़ के सहारे रूटों पर भेजा जा रहा है, जो यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है। जांच में पाया गया कि कई बसों के कलपुर्जे तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पुरानी और खटारा बसें तकनीकी खामियों के बावजूद सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं, जो कभी भी बीच रास्ते में जवाब दे देती हैं।
पालमपुर डिपो की बस सुबह चंबा जा रही थी, लेकिन धर्मशाला में स्टेयरिंग में खराबी आ गई। जानकारी मिलते ही तुरंत धर्मशाला डिपो से दूसरी बस का इंतजाम कर यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। -नितिश, आरएम, पालमपुर
वर्कशॉप में स्टाफ की कमी तो है, लेकिन फिलहाल इसका सटीक आंकड़ा नहीं है कि कितने मैकेनिक कम हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद हम बसों को ठीक कर लोगों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। -साहिल कपूर, आरएम, धर्मशाला
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घटना के बाद जब अमर उजाला की टीम ने धर्मशाला वर्कशॉप का जायजा लिया, तो स्थिति भयावह नजर आई। पूरी वर्कशॉप खराब बसों से अटी पड़ी है। यहां तक कि जिन पिट्स पर बसों की मरम्मत होनी चाहिए, वहां भी कबाड़ हो चुकी बसें खड़ी हैं। वर्कशॉप कर्मचारियों ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि धर्मशाला सहित अन्य डिपो में मैकेनिकों की भारी कमी है।
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स्टाफ कम होने के कारण रोजाना सैकड़ों बसों की गहन जांच करना मुमकिन नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं और उन्हें जुगाड़ के सहारे रूटों पर भेजा जा रहा है, जो यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है। जांच में पाया गया कि कई बसों के कलपुर्जे तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पुरानी और खटारा बसें तकनीकी खामियों के बावजूद सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं, जो कभी भी बीच रास्ते में जवाब दे देती हैं।
पालमपुर डिपो की बस सुबह चंबा जा रही थी, लेकिन धर्मशाला में स्टेयरिंग में खराबी आ गई। जानकारी मिलते ही तुरंत धर्मशाला डिपो से दूसरी बस का इंतजाम कर यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। -नितिश, आरएम, पालमपुर
वर्कशॉप में स्टाफ की कमी तो है, लेकिन फिलहाल इसका सटीक आंकड़ा नहीं है कि कितने मैकेनिक कम हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद हम बसों को ठीक कर लोगों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। -साहिल कपूर, आरएम, धर्मशाला

धर्मशाला में एचआरटीसी वर्कशाप में खड़ी की खटारा बसें। अमर उजाला

धर्मशाला में एचआरटीसी वर्कशाप में खड़ी की खटारा बसें। अमर उजाला

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