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Kangra News: मोबाइल से जांचें, गहने असली हैं या नकली
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धर्मशाला। अब सोने के आभूषण खरीदने वालों के लिए असली और नकली गहनों की पहचान करना आसान हो गया है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के बीआईएस केयर एप की मदद से उपभोक्ता मोबाइल फोन पर खरीदे गए आभूषण की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। इसके लिए केवल आभूषण पर अंकित हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) कोड दर्ज करना होगा। कुछ ही सेकेंड में आभूषण से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी।
धर्मशाला के आभूषण विक्रेता संजीव वर्मा ने बताया कि ग्राहक सबसे पहले स्मार्टफोन में बीआईएस केयर एप डाउनलोड करें। इसके बाद एप में दिए गए ''वेरिफाई एचयूआईडी'' विकल्प पर क्लिक कर आभूषण पर अंकित छह अंकों का एचयूआईडी कोड दर्ज करें। सर्च करते ही स्क्रीन पर संबंधित प्रतिष्ठान और उसके मालिक का नाम, सोने या चांदी की शुद्धता का ग्रेड, आभूषण का प्रकार और हॉलमार्किंग की तिथि दिखाई देगी। यदि एचयूआईडी दर्ज करने पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता या दर्ज विवरण आभूषण से मेल नहीं खाता तो वह आभूषण संदिग्ध या नकली हो सकता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता एप के माध्यम से ही शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
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हॉलमार्किंग के लिए 200 रुपये तक में चार आभूषण शामिल : अभिमन्यु
स्वर्णकार संघ धर्मशाला के अध्यक्ष अभिमन्यु ने बताया कि हॉलमार्किंग के दौरान ही आभूषण की जानकारी बीआईएस के रिकॉर्ड में दर्ज कर दी जाती है। इसमें 24, 22 या 18 कैरेट के अनुसार शुद्धता, आभूषण का वजन, डिजाइन का फोटो, हीरे और अन्य धातुओं का विवरण, दुकानदार और प्रतिष्ठान का नाम व पता शामिल होता है। यही कारण है कि एचयूआईडी के जरिए उपभोक्ता आभूषण की पूरी जानकारी आसानी से सत्यापित कर सकते हैं। हॉलमार्किंग के लिए 200 रुपये तक में चार आभूषण शामिल किए जाते हैं। इससे अधिक होने पर प्रति अतिरिक्त आभूषण करीब 54 रुपये शुल्क लिया जाता है।
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धर्मशाला के आभूषण विक्रेता संजीव वर्मा ने बताया कि ग्राहक सबसे पहले स्मार्टफोन में बीआईएस केयर एप डाउनलोड करें। इसके बाद एप में दिए गए ''वेरिफाई एचयूआईडी'' विकल्प पर क्लिक कर आभूषण पर अंकित छह अंकों का एचयूआईडी कोड दर्ज करें। सर्च करते ही स्क्रीन पर संबंधित प्रतिष्ठान और उसके मालिक का नाम, सोने या चांदी की शुद्धता का ग्रेड, आभूषण का प्रकार और हॉलमार्किंग की तिथि दिखाई देगी। यदि एचयूआईडी दर्ज करने पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता या दर्ज विवरण आभूषण से मेल नहीं खाता तो वह आभूषण संदिग्ध या नकली हो सकता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता एप के माध्यम से ही शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
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हॉलमार्किंग के लिए 200 रुपये तक में चार आभूषण शामिल : अभिमन्यु
स्वर्णकार संघ धर्मशाला के अध्यक्ष अभिमन्यु ने बताया कि हॉलमार्किंग के दौरान ही आभूषण की जानकारी बीआईएस के रिकॉर्ड में दर्ज कर दी जाती है। इसमें 24, 22 या 18 कैरेट के अनुसार शुद्धता, आभूषण का वजन, डिजाइन का फोटो, हीरे और अन्य धातुओं का विवरण, दुकानदार और प्रतिष्ठान का नाम व पता शामिल होता है। यही कारण है कि एचयूआईडी के जरिए उपभोक्ता आभूषण की पूरी जानकारी आसानी से सत्यापित कर सकते हैं। हॉलमार्किंग के लिए 200 रुपये तक में चार आभूषण शामिल किए जाते हैं। इससे अधिक होने पर प्रति अतिरिक्त आभूषण करीब 54 रुपये शुल्क लिया जाता है।
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