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Kangra News: नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी को चार वर्ष का कठोर कारावास
Thu, 18 Jun 2026 08:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 18 Jun 2026 08:04 AM IST
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धर्मशाला। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) धर्मशाला विजय लक्ष्मी की अदालत ने एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को चार वर्ष के कठोर कारावास और 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार 28 मार्च 2025 को पीड़ित की मां ने पुलिस थाना बैजनाथ में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि 26 मार्च को वह किसी काम से घर से बाहर गई थीं और उनका 16 वर्षीय बेटा घर पर अकेला था। इसी दौरान आरोपी उनके घर पहुंचा और लड़के को बाहर बुलाने लगा। जब लड़का बाहर नहीं आया तो आरोपी ने जबरन दरवाजे पर लातें मारनी शुरू कर दीं। हालांकि, पड़ोसी के बीच-बचाव के बाद आरोपी वहां से चला गया।
बाद में पीड़ित नाबालिग ने अपनी मां को आपबीती बताते हुए कहा कि आरोपी लंबे समय से उसे अपने घर बुलाता था, जहां उसे जबरन नशे का सेवन करवाने की कोशिश करता था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य करने का प्रयास भी किया था। इसी कड़ी में 26 मार्च 2025 को भी आरोपी ने उसे अपने घर बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया था।
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मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करवाया, बयान दर्ज किए और स्कूल/जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया, जिससे यह प्रमाणित हुआ कि घटना के समय पीड़ित नाबालिग था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
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मामले के अनुसार 28 मार्च 2025 को पीड़ित की मां ने पुलिस थाना बैजनाथ में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि 26 मार्च को वह किसी काम से घर से बाहर गई थीं और उनका 16 वर्षीय बेटा घर पर अकेला था। इसी दौरान आरोपी उनके घर पहुंचा और लड़के को बाहर बुलाने लगा। जब लड़का बाहर नहीं आया तो आरोपी ने जबरन दरवाजे पर लातें मारनी शुरू कर दीं। हालांकि, पड़ोसी के बीच-बचाव के बाद आरोपी वहां से चला गया।
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बाद में पीड़ित नाबालिग ने अपनी मां को आपबीती बताते हुए कहा कि आरोपी लंबे समय से उसे अपने घर बुलाता था, जहां उसे जबरन नशे का सेवन करवाने की कोशिश करता था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन कृत्य करने का प्रयास भी किया था। इसी कड़ी में 26 मार्च 2025 को भी आरोपी ने उसे अपने घर बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया था।
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मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करवाया, बयान दर्ज किए और स्कूल/जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया, जिससे यह प्रमाणित हुआ कि घटना के समय पीड़ित नाबालिग था। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।