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Kangra News: चरस तस्करी के 11 साल पुराने केस में दोषी को सात माह का कठोर कारावास
Tue, 16 Jun 2026 07:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 16 Jun 2026 07:45 AM IST
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धर्मशाला। पुलिस थाना शाहपुर के अंतर्गत 11 वर्ष पूर्व दर्ज चरस तस्करी के एक मामले में विशेष न्यायाधीश धर्मशाला-3 शीतल शर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को सात माह के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार, 6 दिसंबर 2014 को पुलिस थाना शाहपुर की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक युवक बाइक पर चरस लेकर द्रम्मण से गगल की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सारनू मोड़ पर नाका लगाया और स्थानीय लोगों को गवाह के तौर पर शामिल किया। दोपहर करीब 3:50 बजे जब पुलिस ने बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
तलाशी लेने पर आरोपी चंद्र कुमार निवासी भलाना (तहसील भटियात) के कब्जे से 400 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
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विशेष न्यायाधीश शीतल शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है। हालांकि, यह भी ध्यान में रखा गया कि आरोपी वर्ष 2015 से लगातार मुकदमे का सामना कर रहा था। इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने यह सजा सुनाई।
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मामले के अनुसार, 6 दिसंबर 2014 को पुलिस थाना शाहपुर की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक युवक बाइक पर चरस लेकर द्रम्मण से गगल की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सारनू मोड़ पर नाका लगाया और स्थानीय लोगों को गवाह के तौर पर शामिल किया। दोपहर करीब 3:50 बजे जब पुलिस ने बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
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तलाशी लेने पर आरोपी चंद्र कुमार निवासी भलाना (तहसील भटियात) के कब्जे से 400 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
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विशेष न्यायाधीश शीतल शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है। हालांकि, यह भी ध्यान में रखा गया कि आरोपी वर्ष 2015 से लगातार मुकदमे का सामना कर रहा था। इन तमाम परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने यह सजा सुनाई।