{"_id":"6a57e0f07d4ea482a20b9b73","slug":"dr-priyanka-reappointed-to-tmc-cardiology-department-now-has-six-specialists-kangra-news-c-95-1-kng1045-244959-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: टीएमसी में डॉ. प्रियंका की दोबारा नियुक्ति, कार्डियोलॉजी विभाग में अब छह विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: टीएमसी में डॉ. प्रियंका की दोबारा नियुक्ति, कार्डियोलॉजी विभाग में अब छह विशेषज्ञ
Thu, 16 Jul 2026 01:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टांडा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के कार्डियोलॉजी विभाग को बड़ी मजबूती मिली है। विभाग में डॉ. प्रियंका की दोबारा नियुक्ति के बाद अब यहां हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और डीएम (कार्डियोलॉजी) पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो गया है।
कार्डियोलॉजी विभाग में फैकल्टी की संख्या बढ़ने से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना और मंडी सहित आसपास के कई जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। अब अस्पताल में मरीजों की प्रतीक्षा अवधि कम होगी, आपातकालीन हृदय रोग सेवाएं सुदृढ़ होंगी और कैथ लैब की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। इसके अलावा बाह्य (ओपीडी) और आंतरिक (इंडोर) रोगी सेवाओं का दायरा बढ़ने के साथ ही मरीजों को चौबीसों घंटे विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों की कमी दूर होने के बाद अब टांडा मेडिकल कॉलेज जल्द ही डीएम कार्डियोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने की स्थिति में पहुंच गया है। यह उच्च स्तरीय कोर्स शुरू होने से प्रदेश में ही सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर तैयार हो सकेंगे, जिससे पीजीआई या अन्य बाहरी बड़े संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही संस्थान में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उन्नत हृदय रोग उपचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि सरकार के सहयोग से कार्डियोलॉजी विभाग का सशक्त होना केवल विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हृदय रोग उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे क्षेत्र के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
कार्डियोलॉजी विभाग में फैकल्टी की संख्या बढ़ने से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना और मंडी सहित आसपास के कई जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। अब अस्पताल में मरीजों की प्रतीक्षा अवधि कम होगी, आपातकालीन हृदय रोग सेवाएं सुदृढ़ होंगी और कैथ लैब की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा। इसके अलावा बाह्य (ओपीडी) और आंतरिक (इंडोर) रोगी सेवाओं का दायरा बढ़ने के साथ ही मरीजों को चौबीसों घंटे विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की कमी दूर होने के बाद अब टांडा मेडिकल कॉलेज जल्द ही डीएम कार्डियोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने की स्थिति में पहुंच गया है। यह उच्च स्तरीय कोर्स शुरू होने से प्रदेश में ही सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर तैयार हो सकेंगे, जिससे पीजीआई या अन्य बाहरी बड़े संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही संस्थान में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उन्नत हृदय रोग उपचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि सरकार के सहयोग से कार्डियोलॉजी विभाग का सशक्त होना केवल विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हृदय रोग उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे क्षेत्र के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।