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Kangra News: धर्मशाला में रेरा कार्यालय और क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर सूखे पेड़ बने खतरा
Wed, 08 Jul 2026 01:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:39 AM IST
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धर्मशाला। शहर में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। रेरा कार्यालय और क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के ठीक बाहर खड़े सूखे पेड़ हादसे का खतरा बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि शहर में विभिन्न स्थानों पर हरे-भरे पेड़ों को धड़ल्ले से काटा जा रहा है, मगर पूरी तरह सूख चुके और जर्जर हो चुके इन खतरनाक पेड़ों को हटाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अमित कुमार, अमरीक, परवेश, नितिन और अंकित सहित अन्य स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इन सूखे व जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात और तेज हवाओं के इस मौसम में इन पेड़ों के गिरने का खतरा दोगुना हो गया है।
चूंकि अस्पताल और रेरा दफ्तर के पास से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, कर्मचारी और आम राहगीर गुजरते हैं, इसलिए यहां हर समय जनहानि का डर बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द सर्वे करवाकर इन खतरनाक पेड़ों को कटवाए। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों पर आरी चलाने के बजाय वन विभाग को उन पेड़ों को हटाना चाहिए, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
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सूखे पेड़ों की समस्या हमारे ध्यान में है। जल्द ही इन खतरनाक पेड़ों को कटवा दिया जाएगा, ताकि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों, मरीजों और राहगीरों को किसी तरह की दिक्कत या खतरे का सामना न करना पड़े। -मोहित रतन, एसडीएम, धर्मशाला
हमारी ओर से केवल उन्हीं सूखे पेड़ों को काटा जाता है जो वन विभाग की भूमि के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक या शहरी स्थानों पर मौजूद सूखे पेड़ों को कटवाने का जिम्मा स्थानीय प्रशासन का ही है। -अमित शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला
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अमित कुमार, अमरीक, परवेश, नितिन और अंकित सहित अन्य स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इन सूखे व जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात और तेज हवाओं के इस मौसम में इन पेड़ों के गिरने का खतरा दोगुना हो गया है।
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चूंकि अस्पताल और रेरा दफ्तर के पास से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, कर्मचारी और आम राहगीर गुजरते हैं, इसलिए यहां हर समय जनहानि का डर बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द सर्वे करवाकर इन खतरनाक पेड़ों को कटवाए। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों पर आरी चलाने के बजाय वन विभाग को उन पेड़ों को हटाना चाहिए, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
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सूखे पेड़ों की समस्या हमारे ध्यान में है। जल्द ही इन खतरनाक पेड़ों को कटवा दिया जाएगा, ताकि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों, मरीजों और राहगीरों को किसी तरह की दिक्कत या खतरे का सामना न करना पड़े। -मोहित रतन, एसडीएम, धर्मशाला
हमारी ओर से केवल उन्हीं सूखे पेड़ों को काटा जाता है जो वन विभाग की भूमि के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक या शहरी स्थानों पर मौजूद सूखे पेड़ों को कटवाने का जिम्मा स्थानीय प्रशासन का ही है। -अमित शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला