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Kangra News: स्थिति स्पष्ट न होने से लटका फोरलेन का कार्य
Thu, 02 Jul 2026 01:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:55 AM IST
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गगल (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी फोरलेन का निर्माण जसूर से राजोल और नगरोटा के ठानपुरी से आगे तेज गति से चल रहा है लेकिन कांगड़ा एयरपोर्ट के आसपास के करीब 12 किलोमीटर भाग में काम लटक गया है। गगल एयरपोर्ट विस्तार की जद में आने के बाद अब राजोल से ठानपुरी तक बनने वाले फोरलेन को लेकर ग्रामीणों में असमंजस और डर का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर दोबारा विस्थापित नहीं होना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से मांग की है कि इस भाग में फोरलेन की वास्तविक स्थिति और एलाइनमेंट को जल्द से जल्द स्पष्ट किया जाए।
एयरपोर्ट की जद में आए ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मकानों का मुआवजा मिल चुका है लेकिन लोग अब एयरपोर्ट के तय दायरे से बाहर लगभग 500 मीटर दूर नए सिरे से जमीन खरीदकर घर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। फोरलेन का रूट तय न होने से उन्हें डर है कि उनकी जीवनभर की जमापूंजी या एयरपोर्ट से मिले मुआवजे से बनने वाला नया घर नए फोरलेन की भेंट न चढ़ जाए। जब तक एनएचएआई और जिला प्रशासन इस विषय पर स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों का भविष्य अधर में रहेगा। जो परिवार पहले से ही गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की भेंट चढ़कर विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हैं, उन पर फोरलेन की अनिश्चितता ने दोहरी मुसीबत थोंप दी है। प्रभावितों का कहना है कि यदि एलाइनमेंट समय रहते स्पष्ट हो जाए तो वे नए सिरे से रहने और कारोबार की व्यवस्था कर सकेंगे।
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राजोल से ठानपुरी तक फोरलेन का प्रपोजल एनएचएआई ने सरकार को काफी समय पहले भेजा है। इस पर अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जैसे ही कोई निर्णय आता है तो जानकारी दे दी जाएगी। -इशांत जसवाल, एसडीएम, कांगड़ा
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ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर दोबारा विस्थापित नहीं होना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से मांग की है कि इस भाग में फोरलेन की वास्तविक स्थिति और एलाइनमेंट को जल्द से जल्द स्पष्ट किया जाए।
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एयरपोर्ट की जद में आए ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मकानों का मुआवजा मिल चुका है लेकिन लोग अब एयरपोर्ट के तय दायरे से बाहर लगभग 500 मीटर दूर नए सिरे से जमीन खरीदकर घर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। फोरलेन का रूट तय न होने से उन्हें डर है कि उनकी जीवनभर की जमापूंजी या एयरपोर्ट से मिले मुआवजे से बनने वाला नया घर नए फोरलेन की भेंट न चढ़ जाए। जब तक एनएचएआई और जिला प्रशासन इस विषय पर स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों का भविष्य अधर में रहेगा। जो परिवार पहले से ही गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की भेंट चढ़कर विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हैं, उन पर फोरलेन की अनिश्चितता ने दोहरी मुसीबत थोंप दी है। प्रभावितों का कहना है कि यदि एलाइनमेंट समय रहते स्पष्ट हो जाए तो वे नए सिरे से रहने और कारोबार की व्यवस्था कर सकेंगे।
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राजोल से ठानपुरी तक फोरलेन का प्रपोजल एनएचएआई ने सरकार को काफी समय पहले भेजा है। इस पर अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जैसे ही कोई निर्णय आता है तो जानकारी दे दी जाएगी। -इशांत जसवाल, एसडीएम, कांगड़ा