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Kangra News: भवारना क्षेत्र में पीलिया फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
Tue, 14 Jul 2026 07:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:13 AM IST
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धर्मशाला। भवारना क्षेत्र में पीलिया के मामले सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. विवेक करोल ने कहा कि भवारना क्षेत्र में पीलिया के मामले आने के बाद जिला के सभी स्वास्थ्य उपमंडलों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जुलाई के अंत में जलजनित रोगों की रोकथाम व जागरूकता के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में दूषित पेयजल के कारण पीलिया, डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को संदिग्ध मरीजों की तुरंत पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जुलाई माह के अंत में जिलेभर में एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सहयोग से लोगों को स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. विवेक करोल ने कहा कि भवारना क्षेत्र में पीलिया के मामले आने के बाद जिला के सभी स्वास्थ्य उपमंडलों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जुलाई के अंत में जलजनित रोगों की रोकथाम व जागरूकता के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में दूषित पेयजल के कारण पीलिया, डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को संदिग्ध मरीजों की तुरंत पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जुलाई माह के अंत में जिलेभर में एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सहयोग से लोगों को स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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