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Kangra News: मुख्यमंत्री से लगाई नूरपुर स्कूल के अस्तित्व को बचाने की गुहार
Tue, 14 Jul 2026 07:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:09 AM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। फ्री थिंकर्स क्लब नूरपुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बॉय) नूरपुर के स्वतंत्र अस्तित्व और पहचान को तत्काल बहाल करने की गुहार लगाई है। क्लब के अध्यक्ष डॉ. विपिन महाजन ने कहा कि विद्यालय के विलय संबंधी प्रशासनिक निर्णय से क्षेत्र के लोगों में भारी चिंता और असंतोष है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1869 में स्थापित यह विद्यालय 156 वर्षों की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है और प्रदेश के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। इस संस्थान ने देश को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन सहित न्यायपालिका, सेना, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और राजनीति के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं।
क्लब के सदस्यों ने कहा कि यह विद्यालय विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। इसकी स्वतंत्र पहचान समाप्त होने से छात्र नामांकन और शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह स्कूल केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि नूरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहर है, जिसके विलय से क्षेत्र की विरासत कमजोर होगी।
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ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1869 में स्थापित यह विद्यालय 156 वर्षों की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है और प्रदेश के सबसे पुराने शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। इस संस्थान ने देश को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन सहित न्यायपालिका, सेना, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और राजनीति के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं।
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क्लब के सदस्यों ने कहा कि यह विद्यालय विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। इसकी स्वतंत्र पहचान समाप्त होने से छात्र नामांकन और शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह स्कूल केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि नूरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहर है, जिसके विलय से क्षेत्र की विरासत कमजोर होगी।
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