{"_id":"6a038bd0bf3b7a7c09096933","slug":"lack-of-permanent-recruitment-increases-workload-lives-lost-union-kangra-news-c-95-1-kng1004-234402-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थायी भर्ती न होने से बढ़ा काम का बोझ, जा रही जानें : यूनियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थायी भर्ती न होने से बढ़ा काम का बोझ, जा रही जानें : यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 13 May 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और कर्मचारियों की मौत पर प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कड़ा रोष प्रकट किया है। यूनियन का आरोप है कि बोर्ड में स्टाफ की भारी कमी के चलते मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव है, जो जानलेवा हादसों का मुख्य कारण बन रहा है।
हाल ही में आई आंधी और तूफान के बाद क्षतिग्रस्त हुई लाइनों को बहाल करने के दौरान सीमित स्टाफ को लगातार कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज, महासचिव प्रशांत शर्मा, पैटर्न कामेश्वर शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि विद्युत बोर्ड में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं और कर्मचारियों की मौत गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने प्रेस बयान जारी कर पालमपुर के बिंद्राबन क्षेत्र में 32 वर्षीय लाइनमैन मोहन कुमार की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी पहले से पोल पर काम कर रहा था तो अचानक लाइन में करंट कैसे आया और सप्लाई किसने चालू की। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के बजाय अक्सर लीपापोती कर दोषियों को बचा लिया जाता है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है।
कर्मचारी नेताओं ने मांग की है कि बिजली मित्रों की आउटसोर्स भर्ती बंद की जाए और बोर्ड के माध्यम से स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। उनका तर्क है कि स्थायी स्टाफ होने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी और कर्मचारियों पर कार्य का बोझ भी कम होगा। उन्होंनेे बिंद्राबन हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई।
Trending Videos
हाल ही में आई आंधी और तूफान के बाद क्षतिग्रस्त हुई लाइनों को बहाल करने के दौरान सीमित स्टाफ को लगातार कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज, महासचिव प्रशांत शर्मा, पैटर्न कामेश्वर शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि विद्युत बोर्ड में आए दिन हो रही दुर्घटनाएं और कर्मचारियों की मौत गंभीर चिंता का विषय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने प्रेस बयान जारी कर पालमपुर के बिंद्राबन क्षेत्र में 32 वर्षीय लाइनमैन मोहन कुमार की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी पहले से पोल पर काम कर रहा था तो अचानक लाइन में करंट कैसे आया और सप्लाई किसने चालू की। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच के बजाय अक्सर लीपापोती कर दोषियों को बचा लिया जाता है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है।
कर्मचारी नेताओं ने मांग की है कि बिजली मित्रों की आउटसोर्स भर्ती बंद की जाए और बोर्ड के माध्यम से स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। उनका तर्क है कि स्थायी स्टाफ होने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी और कर्मचारियों पर कार्य का बोझ भी कम होगा। उन्होंनेे बिंद्राबन हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई।