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Kangra News: टांडा पर 131 करोड़ की देनदारियां
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धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल पर रोजमर्रा के संचालन से जुड़े करीब 15 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इन देनदारियों में डायग्नोस्टिक किट, सर्जिकल आइटम, स्पिरिट, डीजल, स्टेशनरी की खरीद शामिल है।
इसके अलावा ग्रांट-इन-एड (जीआईए) के तहत कर्मचारियों के वेतन और मजदूरी सहित अन्य नियमित खर्च शामिल हैं। इन भुगतानों में देरी से अस्पताल के संचालन और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है।
इतना ही नहीं, करीब 116.24 करोड़ रुपये की देनदारी हिम केयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत की है। 36.59 करोड़ आयुष्मान भारत का और 79.65 करोड़ रुपये हिम केयर योजना का बकाया है। प्रदेश सरकार ने बकाया राशि देने के बजाय हिम केयर योजना के तहत कई चीजों को बाहर कर दिया है।
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ऑपरेशन के लिए मरीजों को अपने खर्चे पर सर्जिकल सामान और कई दवाएं भी खरीदनी पड़ रही हैं। सरकार लंबित बिलों की अदायगी नहीं कर रही है, जिस कारण अब आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
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इसके अलावा ग्रांट-इन-एड (जीआईए) के तहत कर्मचारियों के वेतन और मजदूरी सहित अन्य नियमित खर्च शामिल हैं। इन भुगतानों में देरी से अस्पताल के संचालन और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता प्रभावित होने लगी है।
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इतना ही नहीं, करीब 116.24 करोड़ रुपये की देनदारी हिम केयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत की है। 36.59 करोड़ आयुष्मान भारत का और 79.65 करोड़ रुपये हिम केयर योजना का बकाया है। प्रदेश सरकार ने बकाया राशि देने के बजाय हिम केयर योजना के तहत कई चीजों को बाहर कर दिया है।
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ऑपरेशन के लिए मरीजों को अपने खर्चे पर सर्जिकल सामान और कई दवाएं भी खरीदनी पड़ रही हैं। सरकार लंबित बिलों की अदायगी नहीं कर रही है, जिस कारण अब आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।