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Kangra News: प्रेमिका का गला रेत कर हत्या करने के दोषी प्रेमी को उम्र कैद
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धर्मशाला। शादी के लिए दबाव बना रही युवती की निर्मम हत्या करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देहरा सपना पांडे की अदालत ने दोषी प्रेमी को उम्र कैद (आजीवन) की सजा सुनाई है। अदालत ने वर्ष 2017 के चर्चित हत्याकांड में आरोपी सुखविंद्र सिंह निवासी फतेहाबाद, तहसील खडूर साहिब, जिला तरनतारन (पंजाब) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया है। दोषी अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव को देहरा के चलाली क्षेत्र में फेंक कर भाग गया था। मामले में होटल की सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर अहम सबूत बने।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 अगस्त 2017 को ग्राम पंचायत चलाली के तत्कालीन प्रधान सरबजीत सिंह ने थाना देहरा में सूचना दी थी कि गांव के समीप एक अज्ञात युवती का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को सुपुर्दगी में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि युवती के गले पर तेजधार हथियार से किए गए वार के गंभीर निशान थे। हत्या की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जांच और पूछताछ का दायरा बढ़ाया। वहीं, जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग तब मिला जब क्षेत्र के एक होटल संचालक ने शव की तस्वीर देखकर पुलिस को बताया कि मृतका घटना से एक दिन पहले एक व्यक्ति के साथ उसके होटल में ठहरी थी। तत्कालीन जांच अधिकारी गुरदेव सिंह ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर की जांच की। जांच में सामने आया कि मृतका के साथ होटल में ठहरने वाला व्यक्ति सुखविंद्र सिंह था, जो पंजाब के जिला तरनतारन का रहने वाला है। पुख्ता सुराग मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे पंजाब के करतारपुर बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि युवती बलबीर कौर उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। आरोपी उससे विवाह नहीं करना चाहता था और इसी कारण उसने सुनियोजित तरीके से उसे मिलने के लिए बुलाया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तेजधार हथियार से हमला कर बलबीर कौर की हत्या कर दी और मौके से भाग गया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी सीपी वर्धमान ने न्यायालय के समक्ष गवाहों के बयान, होटल रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज सहित विभिन्न वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों की कड़ी को मजबूत मानते हुए अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देहरा की अदालत ने दोषी सुखविंद्र सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 अगस्त 2017 को ग्राम पंचायत चलाली के तत्कालीन प्रधान सरबजीत सिंह ने थाना देहरा में सूचना दी थी कि गांव के समीप एक अज्ञात युवती का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को सुपुर्दगी में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि युवती के गले पर तेजधार हथियार से किए गए वार के गंभीर निशान थे। हत्या की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जांच और पूछताछ का दायरा बढ़ाया। वहीं, जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग तब मिला जब क्षेत्र के एक होटल संचालक ने शव की तस्वीर देखकर पुलिस को बताया कि मृतका घटना से एक दिन पहले एक व्यक्ति के साथ उसके होटल में ठहरी थी। तत्कालीन जांच अधिकारी गुरदेव सिंह ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर की जांच की। जांच में सामने आया कि मृतका के साथ होटल में ठहरने वाला व्यक्ति सुखविंद्र सिंह था, जो पंजाब के जिला तरनतारन का रहने वाला है। पुख्ता सुराग मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे पंजाब के करतारपुर बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि युवती बलबीर कौर उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। आरोपी उससे विवाह नहीं करना चाहता था और इसी कारण उसने सुनियोजित तरीके से उसे मिलने के लिए बुलाया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तेजधार हथियार से हमला कर बलबीर कौर की हत्या कर दी और मौके से भाग गया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी सीपी वर्धमान ने न्यायालय के समक्ष गवाहों के बयान, होटल रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज सहित विभिन्न वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों की कड़ी को मजबूत मानते हुए अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देहरा की अदालत ने दोषी सुखविंद्र सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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