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Kangra News: मार्कोस कमांडो की बहन का सीएम को ई-मेल, लिखा- सड़कों को सुधारें
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा के खुंडियां-लगड़ू मार्ग पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नौसेना के मॉर्कोस कमांडो अमित सिंह राणा की बहन पंकज राणा ने मुख्यमंत्री को ई-मेल भेजा है। इसमें उन्होंने प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य आरोप लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जैसी त्रासदी उनके परिवार ने झेली है, वैसी किसी और के साथ न हो।
पत्र में पंकज राणा ने लिखा कि उनके भाई देश की सेवा में समर्पित एक बहादुर सैनिक थे, जिन्होंने दुनिया का सबसे कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया था। यदि देश की रक्षा करते हुए वह बलिदान होते तो परिवार को गर्व होता, लेकिन एक जर्जर व असुरक्षित सड़क हादसे में उनका चले जाना असहनीय है। इस हादसे से माता-पिता ने इकलौता बेटा, बहनों ने भाई, पत्नी ने जीवनसाथी और साढ़े तीन साल के मासूम ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।
उन्होंने कहा कि यदि सड़क पर क्रैश बैरियर होते, तो शायद अमित की जान बच सकती थी। पंकज राणा ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि खुंडियां-लगड़ू मार्ग सहित प्रदेश की सभी पहाड़ी सड़कों पर मजबूत क्रैश बैरियर, समय पर मरम्मत, पर्याप्त चेतावनी संकेतक और नियमित सुरक्षा निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके परिवार का यह दर्द सूबे की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का जरिया बनेगा, ताकि भविष्य में कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।
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बड़ोह-सिहोरवाला सड़क पर हुए हादसे में गई थी अमित की जान
शौर्य चक्र विजेता मरीन कमांडो अमित सिंह राणा को वर्ष 2019 में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उनका निधन दो जून को बड़ोह-सिहोरवाला सड़क पर कार दुर्घटना में हुआ था। बड़ोह से सिहोरवाला तक करीब 49 किलोमीटर लंबी सड़क पर 54 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मगर सड़क का 36 किलोमीटर हिस्सा बेहद बदहाल है। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई इस सड़क पर गहरे गड्ढे, टूटे डंगे और तीखे मोड़ों पर क्रैश बैरियर न होने से यह मार्ग पूरी तरह जानलेवा बना हुआ है। इसी बदहाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते जांबाज कमांडो की कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिससे उनकी जान चली गई।
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पत्र में पंकज राणा ने लिखा कि उनके भाई देश की सेवा में समर्पित एक बहादुर सैनिक थे, जिन्होंने दुनिया का सबसे कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया था। यदि देश की रक्षा करते हुए वह बलिदान होते तो परिवार को गर्व होता, लेकिन एक जर्जर व असुरक्षित सड़क हादसे में उनका चले जाना असहनीय है। इस हादसे से माता-पिता ने इकलौता बेटा, बहनों ने भाई, पत्नी ने जीवनसाथी और साढ़े तीन साल के मासूम ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।
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उन्होंने कहा कि यदि सड़क पर क्रैश बैरियर होते, तो शायद अमित की जान बच सकती थी। पंकज राणा ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि खुंडियां-लगड़ू मार्ग सहित प्रदेश की सभी पहाड़ी सड़कों पर मजबूत क्रैश बैरियर, समय पर मरम्मत, पर्याप्त चेतावनी संकेतक और नियमित सुरक्षा निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके परिवार का यह दर्द सूबे की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का जरिया बनेगा, ताकि भविष्य में कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।
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बड़ोह-सिहोरवाला सड़क पर हुए हादसे में गई थी अमित की जान
शौर्य चक्र विजेता मरीन कमांडो अमित सिंह राणा को वर्ष 2019 में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उनका निधन दो जून को बड़ोह-सिहोरवाला सड़क पर कार दुर्घटना में हुआ था। बड़ोह से सिहोरवाला तक करीब 49 किलोमीटर लंबी सड़क पर 54 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मगर सड़क का 36 किलोमीटर हिस्सा बेहद बदहाल है। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई इस सड़क पर गहरे गड्ढे, टूटे डंगे और तीखे मोड़ों पर क्रैश बैरियर न होने से यह मार्ग पूरी तरह जानलेवा बना हुआ है। इसी बदहाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते जांबाज कमांडो की कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिससे उनकी जान चली गई।