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Kangra News: नगर निगम के आदेश पर रोक, नहीं कटेंगे दुकान के बिजली और पानी के कनेक्शन
Thu, 09 Jul 2026 08:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 09 Jul 2026 08:07 AM IST
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धर्मशाला। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश पालमपुर धीरू ठाकुर की अदालत ने नगर निगम पालमपुर के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत एक दुकान का बिजली और पानी का कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने निचली अदालत (वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश) के आदेश को निरस्त करते हुए वादी के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की है।
मामले के अनुसार पालमपुर के राम चौक (घुग्गर टांडा) निवासी 73 वर्षीय ज्ञान चंद ने वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश पालमपुर द्वारा उनकी अंतरिम राहत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दी थी। ज्ञान चंद का कहना था कि वर्ष 1964 से संचालित उनकी मिठाई एवं ढाबे की दुकान की मरम्मत के लिए नगर निगम ने 17 जनवरी 2022 को लिखित अनुमति दी थी। इसके बाद मरम्मत पूरी होने पर निगम ने उन पर बिना स्वीकृति नया निर्माण करने का आरोप लगाया और 14 मार्च 2022 को बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी कर दिए।
अपीलकर्ता ने दलील दी कि नगर निगम के पास यह साबित करने के लिए कोई तकनीकी रिपोर्ट नहीं है कि वहां नया निर्माण हुआ है। केवल तस्वीरों के आधार पर की गई यह कार्रवाई अनुचित है। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक पुराने बिजली और पानी के कनेक्शन काटना उनकी आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।
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उचित प्रक्रिया के बिना हुई कार्रवाई : अदालत
अदालत ने सुनवाई के बाद माना कि प्रथम दृष्टया नगर निगम ने बिना उचित तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाए यह कार्रवाई की है। अदालत ने मुख्य केस का अंतिम फैसला आने तक दुकान के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी।
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मामले के अनुसार पालमपुर के राम चौक (घुग्गर टांडा) निवासी 73 वर्षीय ज्ञान चंद ने वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश पालमपुर द्वारा उनकी अंतरिम राहत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दी थी। ज्ञान चंद का कहना था कि वर्ष 1964 से संचालित उनकी मिठाई एवं ढाबे की दुकान की मरम्मत के लिए नगर निगम ने 17 जनवरी 2022 को लिखित अनुमति दी थी। इसके बाद मरम्मत पूरी होने पर निगम ने उन पर बिना स्वीकृति नया निर्माण करने का आरोप लगाया और 14 मार्च 2022 को बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी कर दिए।
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अपीलकर्ता ने दलील दी कि नगर निगम के पास यह साबित करने के लिए कोई तकनीकी रिपोर्ट नहीं है कि वहां नया निर्माण हुआ है। केवल तस्वीरों के आधार पर की गई यह कार्रवाई अनुचित है। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से अधिक पुराने बिजली और पानी के कनेक्शन काटना उनकी आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।
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उचित प्रक्रिया के बिना हुई कार्रवाई : अदालत
अदालत ने सुनवाई के बाद माना कि प्रथम दृष्टया नगर निगम ने बिना उचित तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाए यह कार्रवाई की है। अदालत ने मुख्य केस का अंतिम फैसला आने तक दुकान के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी।