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Kangra News: मरीजों को खाना खिलाने को नहीं कोई तैयार
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क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में कैंटीन पर लंबे समय से लटका ताला। अमर उजाला
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-कैंटीन का किराया अधिक होने के कारण कोई बोलीदाता नहीं आया आगे
-अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख री-असेसमेंट करने को कहा
-मरीजों, तीमारदारों व अस्पताल स्टाफ को होती है परेशानी
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की कैंटीन में मरीजों को खाना खिलाने के लिए कोई तैयार नहीं है। कैंटीन का किराया अधिक होने के कारण लगातार दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया में कोई बोलीदाता आगे नहीं आया। अब अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर किराये की री-असेसमेंट करने को कहा है। री-असेसमेंट के बाद विभाग की ओर से किराये का जो आकलन किया जाएगा उस पर दोबारा टेंडर लगाया जाएगा। दूसरी टेंडर प्रक्रिया पिछले माह आयोजित की गई थी।
अगर फिर भी किराया अधिक रहा तो आशंका है कि कोई टेंडर में फिर भाग नहीं लेगा। इससे सबसे अधिक परेशानी मरीजों-तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ को हो रही है। लंबे समय से बंद पड़ी कैंटीन के कारण लोगों को खाना खाने के लिए अस्पताल परिसर के बाहर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में स्थित कैंटीन मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ के लिए एक अहम सुविधा मानी जाती है।
उधर, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने बताया कि अब कैंटीन का दोबारा टेंडर लगाने से पहले लोक निर्माण विभाग से री-असेसमेंट करवाई जाएगी। इसके बाद नया किराया तय किया जाएगा और तीसरी बार टेंडर लगाया जाएगा।
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-अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख री-असेसमेंट करने को कहा
-मरीजों, तीमारदारों व अस्पताल स्टाफ को होती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की कैंटीन में मरीजों को खाना खिलाने के लिए कोई तैयार नहीं है। कैंटीन का किराया अधिक होने के कारण लगातार दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया में कोई बोलीदाता आगे नहीं आया। अब अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर किराये की री-असेसमेंट करने को कहा है। री-असेसमेंट के बाद विभाग की ओर से किराये का जो आकलन किया जाएगा उस पर दोबारा टेंडर लगाया जाएगा। दूसरी टेंडर प्रक्रिया पिछले माह आयोजित की गई थी।
अगर फिर भी किराया अधिक रहा तो आशंका है कि कोई टेंडर में फिर भाग नहीं लेगा। इससे सबसे अधिक परेशानी मरीजों-तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ को हो रही है। लंबे समय से बंद पड़ी कैंटीन के कारण लोगों को खाना खाने के लिए अस्पताल परिसर के बाहर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में स्थित कैंटीन मरीजों, तीमारदारों और स्टाफ के लिए एक अहम सुविधा मानी जाती है।
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उधर, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने बताया कि अब कैंटीन का दोबारा टेंडर लगाने से पहले लोक निर्माण विभाग से री-असेसमेंट करवाई जाएगी। इसके बाद नया किराया तय किया जाएगा और तीसरी बार टेंडर लगाया जाएगा।