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Kangra News: साइबर ठगी करवाने की अब बैजनाथ-गगल थाना में एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 11 Jan 2026 07:47 AM IST
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कांगड़ा के आरोपी वरयाम सिंह के अलावा घुमारवीं के अश्वनी का नाम आया सामने
थाईलैंड से म्यांमार ले जाकर हनी ट्रैप के जरिये साइबर ठगी करवाने का लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के अपराध में धकेलने के मामले में अब 2 और पीड़ित सामने आए हैं। पुलिस थाना बैजनाथ और गगल में इस संंबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मामले में कांगड़ा के हारचक्कियां के आरोपी वरयाम सिंह के अलावा घुमारवीं के रोहिनी निवासी अश्वनी कुमार का नाम सामने आया है। इससे पहले शुक्रवार को पालमपुर और पंचरुखी क्षेत्र के दो युवकों की ओर से इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
बैजनाथ पुलिस थाना में सृजन राणा निवासी कुदैल ने शिकायत सौंपी है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में एक ऑनलाइन जाॅब एप्लीकेशन पर थाईलैंड में चैट प्रोसेस की नौकरी का विज्ञापन था। इसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया तो एक महिला ने बात की और अपना नाम फराह कुरैशी बताया था। इस दौरान उसने एक अन्य नंबर दिया जो कि किसी आयान का था और उन्हें 2 हजार रुपये भी भेजे।
इस दौरान उनकी थाईलैंड के लिए टिकट बुक करवाई गई तो आयान ने बताया था कि हैदराबाद से भी एक युवक उनके साथ जाएगा। हैदराबाद में उन्हें लिंगम नाम का युवक मिला, जिसके साथ वह थाइलैंड पहुंचा। इसके बाद नाव, गाड़ियों और पैदल रास्ते से म्यांमार पहुंचाया गया। वहां पर उनसे हनी ट्रैप के माध्यम से साइबर ठगी बारे ट्रेनिंग दी गई।
वहीं, पुलिस थाना गगल में प्रवीण निवासी ईच्छी ने भी पुलिस को सौंपी शिकायत में कहा कि जनवरी-फरवरी 2025 में एक विज्ञापन देखा था, जिसमें घुमारवीं के अश्वनी कुमार का मोबाइल नंबर था। इस पर संपर्क करने पर उसने वरयाम सिंह का नंबर दिया था और उनसे गगल स्थित एक होटल में मुलाकात की। इंटरव्यू के लिए अश्वनी के खाते में 38 हजार और वरयाम के बैंक खाते में 15 हजार रुपये डाले। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और नूरपुर के राहुल नाम के युवक को जबरदस्ती थाईलैंड भेजा गया था, जहां से कंपनी के कर्मचारी बन कर आए कुछ लोग म्यांमार ले गए और साइबर फ्रॉड का काम करवाने लगे। काम न करने पर जेल में भेजने और घर से पैसे मांगने की डिमांड की गई। इस दौरान मौका पाकर भारतीय दूतावास को ई-मेल भेज कर मामले की जानकारी दी और उन्हें वहां से निकाल कर सुरक्षित भारत भेजा गया।
कोट्स...
- विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर फ्रॉड करवाने को लेकर पुलिस जिला कांगड़ा में 4 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। पीड़ितों की ओर से जिन-जिन आरोपियों के नाम बताए गए हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- बीर बहादुर, एएसपी कांगड़ा
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थाईलैंड से म्यांमार ले जाकर हनी ट्रैप के जरिये साइबर ठगी करवाने का लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के अपराध में धकेलने के मामले में अब 2 और पीड़ित सामने आए हैं। पुलिस थाना बैजनाथ और गगल में इस संंबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मामले में कांगड़ा के हारचक्कियां के आरोपी वरयाम सिंह के अलावा घुमारवीं के रोहिनी निवासी अश्वनी कुमार का नाम सामने आया है। इससे पहले शुक्रवार को पालमपुर और पंचरुखी क्षेत्र के दो युवकों की ओर से इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी।
बैजनाथ पुलिस थाना में सृजन राणा निवासी कुदैल ने शिकायत सौंपी है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 में एक ऑनलाइन जाॅब एप्लीकेशन पर थाईलैंड में चैट प्रोसेस की नौकरी का विज्ञापन था। इसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया तो एक महिला ने बात की और अपना नाम फराह कुरैशी बताया था। इस दौरान उसने एक अन्य नंबर दिया जो कि किसी आयान का था और उन्हें 2 हजार रुपये भी भेजे।
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इस दौरान उनकी थाईलैंड के लिए टिकट बुक करवाई गई तो आयान ने बताया था कि हैदराबाद से भी एक युवक उनके साथ जाएगा। हैदराबाद में उन्हें लिंगम नाम का युवक मिला, जिसके साथ वह थाइलैंड पहुंचा। इसके बाद नाव, गाड़ियों और पैदल रास्ते से म्यांमार पहुंचाया गया। वहां पर उनसे हनी ट्रैप के माध्यम से साइबर ठगी बारे ट्रेनिंग दी गई।
वहीं, पुलिस थाना गगल में प्रवीण निवासी ईच्छी ने भी पुलिस को सौंपी शिकायत में कहा कि जनवरी-फरवरी 2025 में एक विज्ञापन देखा था, जिसमें घुमारवीं के अश्वनी कुमार का मोबाइल नंबर था। इस पर संपर्क करने पर उसने वरयाम सिंह का नंबर दिया था और उनसे गगल स्थित एक होटल में मुलाकात की। इंटरव्यू के लिए अश्वनी के खाते में 38 हजार और वरयाम के बैंक खाते में 15 हजार रुपये डाले। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और नूरपुर के राहुल नाम के युवक को जबरदस्ती थाईलैंड भेजा गया था, जहां से कंपनी के कर्मचारी बन कर आए कुछ लोग म्यांमार ले गए और साइबर फ्रॉड का काम करवाने लगे। काम न करने पर जेल में भेजने और घर से पैसे मांगने की डिमांड की गई। इस दौरान मौका पाकर भारतीय दूतावास को ई-मेल भेज कर मामले की जानकारी दी और उन्हें वहां से निकाल कर सुरक्षित भारत भेजा गया।
कोट्स...
- विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर फ्रॉड करवाने को लेकर पुलिस जिला कांगड़ा में 4 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। पीड़ितों की ओर से जिन-जिन आरोपियों के नाम बताए गए हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
- बीर बहादुर, एएसपी कांगड़ा