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Kangra News: अष्टमी पर कांगड़ा की शक्तिपीठों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
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श्री चामुण्डा मुख्य प्रवेशद्वार के वाहर दर्शन की बारी का इंतजार करते हुए श्रद्धालु। संवाद
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एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन
सप्तमी पर ज्वालामुखी में 18,25000 और कांगड़ा में चढ़ा 5,89,491 लाख रुपये का चढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर वीरवार को कांगड़ा जिले की तीनों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। एक ही दिन में कुल 1,03,000 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इनमें ज्वालामुखी मंदिर में लगभग 70,000, कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी मंदिर में 20,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 13,000 श्रद्धालु पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। अष्टमी के दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सात दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। दिनभर मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा।
कांगड़ा के बज्रेश्वरी देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती पाठ का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 11 पंडितों ने नौ दिन तक विधि-विधान से पाठ किया। अंतिम दिन हवन और पूर्णाहुति डाली गई। सप्तमी के अवसर पर परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा भी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
वहीं, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। कई श्रद्धालुओं ने झील किनारे कन्या पूजन कर अपने नवरात्र व्रत का समापन किया। अष्टमी के दिन मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा ने यज्ञशाला में आहुति अर्पित की। वहीं, कुनाल पत्थरी मंदिर (धर्मशाला) में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। चढ़ावे की बात करें तो ज्वालामुखी मंदिर में सप्तमी मेले के दौरान लगभग 18,25,000 रुपये का चढ़ावा अर्पित किया गया। कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 5,89,491 रुपये की भेंट चढ़ी। संवाद
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सप्तमी पर ज्वालामुखी में 18,25000 और कांगड़ा में चढ़ा 5,89,491 लाख रुपये का चढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर वीरवार को कांगड़ा जिले की तीनों शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। एक ही दिन में कुल 1,03,000 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इनमें ज्वालामुखी मंदिर में लगभग 70,000, कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी मंदिर में 20,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 13,000 श्रद्धालु पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। अष्टमी के दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सात दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। दिनभर मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा।
कांगड़ा के बज्रेश्वरी देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती पाठ का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 11 पंडितों ने नौ दिन तक विधि-विधान से पाठ किया। अंतिम दिन हवन और पूर्णाहुति डाली गई। सप्तमी के अवसर पर परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा भी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
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वहीं, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। कई श्रद्धालुओं ने झील किनारे कन्या पूजन कर अपने नवरात्र व्रत का समापन किया। अष्टमी के दिन मंदिर आयुक्त एवं जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा ने यज्ञशाला में आहुति अर्पित की। वहीं, कुनाल पत्थरी मंदिर (धर्मशाला) में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। चढ़ावे की बात करें तो ज्वालामुखी मंदिर में सप्तमी मेले के दौरान लगभग 18,25,000 रुपये का चढ़ावा अर्पित किया गया। कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 5,89,491 रुपये की भेंट चढ़ी। संवाद