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Kangra News: एक लाख किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड से लिया ऋण
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-राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी के सदन में उठाए प्रश्न पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री राम नाथ ठाकुर ने दी जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने सदन में कांगड़ा जिले में किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित प्रश्न उठाया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री राम नाथ ठाकुर ने जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2025 तक कांगड़ा जिले में 1,04,212 किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती और संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर रहे हैं। जिले में अब तक इस योजना के तहत कुल 1,241 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कृषि कार्यों के लिए 3 लाख रुपये तक तथा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए 2 लाख रुपये तक के अल्पकालीन ऋण पर ब्याज में अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 1 जनवरी 2025 से किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। ऋण की पात्रता राज्यस्तरीय तकनीकी समिति तय करती है। केंद्र सरकार ने बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया है कि वे अपनी कुल ऋण राशि का न्यूनतम 18 प्रतिशत कृषि और संबद्ध गतिविधियों में दें। वर्ष 2016 से यह भी सुनिश्चित किया है कि इन ऋणों में से कम से कम 10 प्रतिशत राशि छोटे और मध्यम किसानों को प्रदान की जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने सदन में कांगड़ा जिले में किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित प्रश्न उठाया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री राम नाथ ठाकुर ने जानकारी दी कि 31 दिसंबर 2025 तक कांगड़ा जिले में 1,04,212 किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती और संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर रहे हैं। जिले में अब तक इस योजना के तहत कुल 1,241 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कृषि कार्यों के लिए 3 लाख रुपये तक तथा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए 2 लाख रुपये तक के अल्पकालीन ऋण पर ब्याज में अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
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इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 1 जनवरी 2025 से किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है। ऋण की पात्रता राज्यस्तरीय तकनीकी समिति तय करती है। केंद्र सरकार ने बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया है कि वे अपनी कुल ऋण राशि का न्यूनतम 18 प्रतिशत कृषि और संबद्ध गतिविधियों में दें। वर्ष 2016 से यह भी सुनिश्चित किया है कि इन ऋणों में से कम से कम 10 प्रतिशत राशि छोटे और मध्यम किसानों को प्रदान की जाए।
