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नीट-यूजी के राज्य कोटा में लागू हो एक राष्ट्र, एक नीति : राकेश
Thu, 23 Jul 2026 07:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 23 Jul 2026 07:48 AM IST
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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। ज्वालामुखी विकास सभा ने नीट-यूजी के 85 प्रतिशत राज्य कोटा में प्रवेश नियमों को लेकर देशभर में एक समान नीति लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में सभा ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को ज्ञापन भेजकर ‘एक राष्ट्र, एक नीति’ लागू करने का आग्रह किया है।
सभा के महासचिव राकेश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों में राज्य कोटा के लिए अलग-अलग पात्रता नियम लागू हैं। कुछ राज्य केवल डोमिसाइल (बोनाफाइड) को आधार मानते हैं, जबकि अन्य राज्यों में 10+2 (जमा दो) की पढ़ाई को पात्रता का आधार बनाया गया है। इस असमान व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी राज्य कोटा के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र हिमाचल प्रदेश का बोनाफाइड निवासी है, लेकिन माता-पिता की सरकारी सेवा में तबादले के कारण उसने 12वीं की पढ़ाई हरियाणा से की है, तो वह दोनों ही राज्यों में कोटे के लाभ से वंचित रह जाता है। सभा ने मांग की है कि केंद्र सरकार पूरे देश में इसके लिए एक समान राष्ट्रीय नीति बनाए। साथ ही विद्यार्थियों को अपने बोनाफाइड राज्य या 12वीं कक्षा की पढ़ाई वाले राज्य में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।
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सभा के महासचिव राकेश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों में राज्य कोटा के लिए अलग-अलग पात्रता नियम लागू हैं। कुछ राज्य केवल डोमिसाइल (बोनाफाइड) को आधार मानते हैं, जबकि अन्य राज्यों में 10+2 (जमा दो) की पढ़ाई को पात्रता का आधार बनाया गया है। इस असमान व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी राज्य कोटा के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र हिमाचल प्रदेश का बोनाफाइड निवासी है, लेकिन माता-पिता की सरकारी सेवा में तबादले के कारण उसने 12वीं की पढ़ाई हरियाणा से की है, तो वह दोनों ही राज्यों में कोटे के लाभ से वंचित रह जाता है। सभा ने मांग की है कि केंद्र सरकार पूरे देश में इसके लिए एक समान राष्ट्रीय नीति बनाए। साथ ही विद्यार्थियों को अपने बोनाफाइड राज्य या 12वीं कक्षा की पढ़ाई वाले राज्य में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।
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