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एमसी आयुक्त के खिलाफ लाएंगे विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव : सुधीर
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धर्मशाला। विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे। धर्मशाला के कोतवाली बाजार स्थित फव्वारा चौक के निर्माण के लिए विधायक निधि से राशि देने और स्वयं शिलान्यास करने के बावजूद निगम प्रशासन ने राजनीतिक द्वेष के चलते पट्टिका हटा दी और मुख्यमंत्री से आनन-फानन में इसका उद्घाटन करवा दिया।
सुधीर शर्मा ने कहा कि यह केवल पट्टिका हटाने का मामूली मामला नहीं है, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अधिकारों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सीधा अपमान है। राजनीतिक श्रेय लेने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी का इस तरह दुरुपयोग करना बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम आयुक्त पहले भी कई विवादों के केंद्र में रहे हैं। उनके सरकारी आवास पर लाखों रुपये खर्च करने, डंपिंग साइट से जुड़े महत्वपूर्ण लोकहित के कार्यों को रोकने और स्मार्ट सिटी फंड्स के उपयोग को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा ऐसे विवादित अधिकारी को संरक्षण दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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सुधीर ने स्पष्ट किया कि आयुक्त का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति हमेशा असम्मानजनक रहा है। उन्होंने बार-बार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मनमाने निर्णय लिए हैं। विधानसभा के आगामी सत्र में इस पूरे मामले को उठाया जाएगा और आयुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाकर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से फव्वारा चौक मामले सहित नगर निगम के सभी विवादास्पद फैसलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि यह केवल पट्टिका हटाने का मामूली मामला नहीं है, बल्कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अधिकारों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सीधा अपमान है। राजनीतिक श्रेय लेने के उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी का इस तरह दुरुपयोग करना बेहद निंदनीय है।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम आयुक्त पहले भी कई विवादों के केंद्र में रहे हैं। उनके सरकारी आवास पर लाखों रुपये खर्च करने, डंपिंग साइट से जुड़े महत्वपूर्ण लोकहित के कार्यों को रोकने और स्मार्ट सिटी फंड्स के उपयोग को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा ऐसे विवादित अधिकारी को संरक्षण दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुधीर ने स्पष्ट किया कि आयुक्त का व्यवहार जनप्रतिनिधियों के प्रति हमेशा असम्मानजनक रहा है। उन्होंने बार-बार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मनमाने निर्णय लिए हैं। विधानसभा के आगामी सत्र में इस पूरे मामले को उठाया जाएगा और आयुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाकर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से फव्वारा चौक मामले सहित नगर निगम के सभी विवादास्पद फैसलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।